'मेरे हाथ में होता तो BJP के 4 टुकड़े कर देता', संजय राउत बोले- दिल्ली से निकला मुंबई का डेथ वारंट

Sanjay Raut Statement: शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर मुंबई को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने शिंदे गुट को अमित शाह की कठपुतली बताते हुए पलटवार किया है।
Sanjay Raut attacks BJP
संजय राउत (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sanjay Raut On BJP: शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली से मुंबई को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। राउत ने उद्धव और राज ठाकरे की एकजुटता का समर्थन करते हुए मुंबई की अस्मिता बचाने की बात कही।

एक मीडिया चैनल से बातचीत के दौरान संजय राउत ने मुंबई की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से इस महानगर को व्यवस्थित तरीके से कमजोर करने की मुहिम चल रही है। उन्होंने एक कड़ा बयान देते हुए दावा किया कि मुंबई का 'डेथ वारंट' दिल्ली से निकल चुका है और अब इसे रोकने की जिम्मेदारी मराठी मानुष की है।

संजय राउत के अनुसार, मुंबई को आर्थिक और राजनीतिक रूप से पंगु बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसे शिवसेना किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी। उन्होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें अलग मुंबई बनानी है, तो वे शौक से बनाएं, लेकिन असली शिवसेना वहीं रहेगी जहाँ ठाकरे परिवार का नेतृत्व है।

संस्थाओं के दुरुपयोग पर राउत का प्रहार

बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए राउत ने कहा कि यदि चुनाव आयोग और पुलिस जैसी सरकारी संस्थाएं उनके नियंत्रण में होतीं, तो वे भारतीय जनता पार्टी के चार टुकड़े कर देते। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की वैधता पर सवाल उठाते हुए उसे 'अमित शाह की बनाई हुई पार्टी' करार दिया। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि शिंदे की यह 'दुकान' तभी तक चल रही है जब तक अमित शाह का हाथ उनके सिर पर है।

मराठी मेयर और आगामी चुनाव की रणनीति

आगामी चुनावों और गठबंधन की रणनीति पर चर्चा करते हुए राउत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन मजबूत है। उन्होंने कहा कि हम लोकसभा और विधानसभा चुनावों में साथ थे और भविष्य में भी मिलकर मुंबई में 'भगवा' लहराएंगे। राउत ने याद दिलाया कि शिवसेना ने मुंबई को अब तक 23 मेयर दिए हैं और उनका अगला लक्ष्य फिर से मुंबई में एक 'मराठी मेयर' बनाना है।

मराठी अस्मिता और हिंदुत्व का सवाल

राउत ने 'हिंदू मराठी' बनाम 'मराठी हिंदू' की बहस को छेड़ते हुए सवाल किया कि क्या मराठी व्यक्ति हिंदू नहीं होता? उन्होंने जोर दिया कि ठाकरे भाइयों का साझा लक्ष्य मुंबई की रक्षा करना है, क्योंकि मुंबई की पहचान ही उसकी आत्मा है। उनके अनुसार, यह लड़ाई केवल सत्ता की नहीं, बल्कि मुंबई के अस्तित्व को बचाने की है, जिसे वे किसी भी हाल में कमजोर नहीं होने देंगे।

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