'लिखे को मिटाया जा सकता है, दिल से नहीं', रितेश देशमुख का BJP प्रदेश अध्यक्ष चव्हाण पर तीखा पलटवार

Riteish Deshmukh Reaction: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की टिप्पणी पर रितेश देशमुख भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम विलासराव देशमुख का नाम जनता के दिलों से कभी मिटाया नहीं जा सकता।
Ritesh Deshmukh on Chavan comment My fathers name can never be erased
रितेश देशमुख व विलासराव देशमुख (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Vilasrao Deshmukh Legacy Controversy: बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने अपने दिवंगत पिता और पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख को लेकर भाजपा के रवींद्र चव्हाण द्वारा की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लिखित बातें मिटाई जा सकती हैं, लेकिन लोगों के दिल में बनी यादें हमेशा जिन्दा रहती हैं।

क्या बोले थे रवींद्र चव्हाण?

सोमवार को भाजपा महाराष्ट्र अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने लातूर में एक सभा में कहा था कि कांग्रेस के दिवंगत नेता विलासराव देशमुख की यादें उनके गृह नगर से “मिटा दी जाएंगी।” चव्हाण ने कहा कि आपका उत्साह देखकर मैं सौ फीसदी भरोसे से कह सकता हूं कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से मिट जाएंगी।

इस बयान के तुरंत बाद कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई और कहा कि राज्य के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले नेता के योगदान को कमतर आंकना गलत है। पार्टी ने इसे सत्ता के अहंकार और देशमुख की विरासत के प्रति अज्ञानता का उदाहरण बताया।

रितेश देशमुख का भावुक वीडियो संदेश

इस विवाद के बीच रितेश देशमुख ने मंगलवार को एक वीडियो संदेश साझा किया। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा, “जो लोग जनता के लिए जीते हैं, उनके नाम लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ जाते हैं। लिखे हुए को मिटाया जा सकता है, लेकिन गहरी छाप को नहीं।”

रितेश ने अपने पिता की सामाजिक और राजनीतिक छवि को याद करते हुए कहा कि उनके पिता ने हमेशा जनता की सेवा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी की भी राजनीतिक या व्यक्तिगत टिप्पणी उनके पिता की याद और योगदान को कम नहीं कर सकती।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

राजनीतिक गलियारों में चव्हाण की टिप्पणी पर खूब चर्चा हुई। सोशल मीडिया पर रितेश देशमुख के वीडियो संदेश को जमकर साझा किया गया और कई लोगों ने उनके भावनात्मक जवाब की सराहना की।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना न केवल राजनीतिक बयानबाजी का उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाती है कि जनता के दिल में बने नेताओं की छवि को कोई भी टिप्पणी मिटा नहीं सकती। रितेश के इस संदेश ने उनके पिता की विरासत को सम्मान देने का संदेश दिया।

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