BH सीरीज नंबर से मिली राहत पर टैक्स भूल का कहर, 339 वाहन मालिकों पर 39 लाख का जुर्माना

Mumbai News: बीएच सीरीज वाहन मालिकों के लिए राहत का साधन अब सिरदर्द बन गया है। टैक्स भूलने पर मुंबई में 339 वाहन मालिकों पर 39.92 लाख का जुर्माना ठोका गया है।
बीएच सीरीज नंबर (pic credit; social media)
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BH Series Number: केंद्र सरकार ने साल 2021 में वाहन मालिकों की सुविधा के लिए भारत (बीएच) सीरीज नंबर प्लेट की शुरुआत की थी। इसका मकसद नौकरी या कारोबार के सिलसिले में बार-बार राज्यों में ट्रांसफर होने वालों को रजिस्ट्रेशन की झंझट से राहत दिलाना था। इस सीरीज के जरिए वाहन मालिक को हर राज्य में नई रजिस्ट्रेशन कराने की परेशानी से छुटकारा मिल जाता है। लेकिन अब यही सुविधा कई वाहन मालिकों के लिए सिरदर्द बन चुकी है क्योंकि समय पर रोड टैक्स न चुकाने की वजह से उन पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा रहा है।

मुंबई के ताडदेव, अंधेरी और बोरीवली आरटीओ कार्यालयों में अब तक 10,505 बीएच सीरीज वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 339 वाहन मालिकों ने तय समय पर रोड टैक्स नहीं भरा। नतीजतन, उन पर कुल 39 लाख 92 हजार 646 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नियमों के अनुसार बीएच सीरीज वाहन मालिकों को हर दो साल पर रोड टैक्स भरना अनिवार्य है। यदि समय पर टैक्स नहीं चुकाया जाता तो प्रतिदिन 100 रुपये का दंड लगाया जाता है। यानी एक साल की देरी पर वाहन मालिक को करीब 36 हजार रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना भरना पड़ सकता है।

बीएच सीरीज का फायदा मुख्य रूप से केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, रक्षा कर्मी, बैंक और प्रशासनिक अधिकारी, साथ ही उन निजी कंपनियों के कर्मचारियों को मिलता है जिनके कार्यालय चार या अधिक राज्यों में हों। इस सुविधा से उन्हें ट्रांसफर के बाद नए राज्य में वाहन रजिस्ट्रेशन कराने की अतिरिक्त लागत और समय से बचत होती है।

बीएच सीरीज के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया भी आसान है। इच्छुक वाहन मालिक "वाहन पोर्टल" (मौर्थ) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए फॉर्म-20 भरना होता है। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को अपनी कंपनी का वर्क सर्टिफिकेट और पहचान पत्र की कॉपी अपलोड करनी पड़ती है। इसके बाद ऑनलाइन शुल्क और वाहन कर जमा कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बीएच सीरीज से जहां सुविधा बढ़ी है, वहीं टैक्स समय पर न भरने पर भारी जुर्माना वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ डाल रहा है। आरटीओ अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी तरह की राहत नहीं मिलेगी और टैक्स समय पर जमा करना वाहन मालिक की जिम्मेदारी है।

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