
मुंबई: राज्य में बीएच (BH) अथार्थ भारत सीरीज के तहत वाहन पंजीकरण (Registration of Vehicles) सोमवार को शुरू कर दिया गया। परिवहन राज्य मंत्री सतेज पाटिल के अनुसार, बीएच सीरीज नंबर प्लेट (Number Plate) उन वाहन मालिकों के लिए फायदेमंद होगा जो ज्यादातर एक राज्य से दूसरे राज्य में यात्रा करते हैं, इससे उन्हें कई पंजीकरण (Registration) समस्याओं से बचने में मदद मिलेगी।
वाहन की नंबर प्लेट का स्टेट कोड के अनुसार रजिस्ट्रेशन होता है। महाराष्ट्र के लिए एमएच कोड है। वाहन मालिकों की इच्छानुसार बीएच सीरीज में वाहन नंबर बीएच से शुरू होंगे। यह किसी भी राज्य से संबद्ध नहीं होगा। यह रजिस्ट्रेशन पूरे देश के लिए एक होगा।
मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार, एक राज्य में पंजीकृत वाहन को दूसरे राज्य में 12 महीने से अधिक की अवधि के लिए रखा जाता है, तो उसकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बहुत जटिल होती है। इसको लेकर वाहन मालिकों की ओर से शिकायतें आ रही थी, इसलिए केंद्र ने इसका समाधान निकालने के लिए बीएच सीरीज शुरू की। मुंबई आरटीओ के अनुसार, यदि वाहन बीएच सीरीज के तहत पंजीकृत है, तो उसे अन्य राज्य में नए पंजीकरण चिह्न की आवश्यकता नहीं होगी। नई पंजीकरण प्रणाली डिजिटल होगी।
बताया गया कि बीएच पंजीकरण वाहन के लिए वाहन की लागत 10 लाख रुपए से कम होने पर 8 प्रतिशत रोड टैक्स लिया जाएगा। जबकि 10-20 लाख रुपए के बीच की लागत वालों के लिए यह 10 फीसदी होगा और 20 लाख रुपए से ज्यादा की कीमत वाले वाहनों पर 12 फीसदी टैक्स लगेगा।






