

Jitan Ram Manjhi Statement on Humayun Kabir Babri Masjid: पश्चिम बंगाल में धार्मिक और सियासी हलचल अचानक तेज हो गई है। मामला तब गरमा गया जब टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रख दी। इस पर अब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को मांझी ने दो टूक कहा कि मंदिर या मस्जिद बनने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अगर बाबरी मस्जिद के नाम पर धार्मिक उन्माद फैलाया जा रहा है, तो यह पूरी तरह गलत है। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
उधर, एक तरफ जहां मुर्शिदाबाद में मस्जिद की नींव रखी गई, वहीं कोलकाता में आस्था का अलग ही सैलाब देखने को मिला। यहां करीब पांच लाख लोगों ने एक साथ सामूहिक गीता पाठ किया। इस भव्य कार्यक्रम में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री, बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस और शुभेंदु अधिकारी व सुकांत मजूमदार जैसे दिग्गज भाजपा नेता शामिल हुए। धीरेंद्र शास्त्री ने भीड़ देखकर कहा कि कोलकाता में महाकुंभ जैसा नजारा है। उन्होंने साफ किया कि भारत में हमें सनातनी चाहिए, तनातनी नहीं। सनातनी एकता ही विश्व शांति का सबसे बड़ा साधन है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का बयान हुमायूं कबीर की उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें कबीर ने अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर निर्माण करने की बात कही है। मांझी ने स्पष्ट किया कि आस्था अपनी जगह है, लेकिन इसके जरिए समाज में जहर घोलना ठीक नहीं है। विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को ही मस्जिद की नींव रखी है और ऐलान किया है कि वह फरवरी में एक लाख लोगों के साथ ‘कुरान ख्वानी’ करेंगे। कबीर ने यह भी वादा किया है कि इस कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को मांस और चावल का भोज दिया जाएगा और इसके बाद मस्जिद का निर्माण शुरू होगा।
धीरेन्द्र शास्त्री ने भी बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखे जाने पर अपनी राय रखी। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी की आस्था मस्जिद बनाने में है, तो वह ऐसा कर सकता है, इसमें कोई दोष नहीं है। लेकिन उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हमारे भगवान राम पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। अगर हमारे मंदिर बनने पर सवाल उठाए गए, तो उनका अहंकार सबके सामने आ जाएगा। वहीं, राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गीता पाठ कर रहे युवाओं की तारीफ करते हुए इसे राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया और कहा कि बंगाल अब अपने कर्तव्य के लिए तैयार है।