
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
RBI MSME Collateral Free Loan: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSE) के लिए कोलैटरल फ्री लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है।
इस फैसले का उद्देश्य उन छोटे उद्यमियों को सहायता देना है, जिनके पास गिरवी रखने के लिए पर्याप्त संपत्ति नहीं होती।
आरबीआई के अनुसार यह नया प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। इस तारीख के बाद जारी या नवीनीकरण होने वाले लोन पर नई सीमा लागू होगी। बैंक जल्द ही इसके विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा उद्यमी इसका लाभ उठा सकें।
एमएसएमई क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा आधार है। लोन सीमा बढ़ने से छोटे व्यवसायों को विस्तार और निवेश में मदद मिलेगी। इससे अनौपचारिक और महंगे कर्ज पर निर्भरता घटेगी तथा औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में अधिक लोगों की भागीदारी बढ़ेगी।
मौद्रिक नीति की घोषणा में आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि फिलहाल होम लोन या अन्य कर्ज की ब्याज दरों और EMI पर तत्काल प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा।
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बढ़ते डिजिटल बैंकिंग फ्रॉड को देखते हुए आरबीआई ने एक नया फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है। इसके तहत धोखाधड़ी की स्थिति में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक मुआवजा मिल सकता है। साथ ही डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने, ट्रांजेक्शन लिमिट तय करने और वरिष्ठ नागरिकों जैसे विशेष उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी सुझाव मांगे जाएंगे।






