
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Municipal Water: छत्रपति संभाजीनगर शहर की जलापूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण 100 एमएलडी क्षमता वाली जायकवाड़ी जलापूर्ति योजना पर लगातार दो गंभीर तकनीकी बिघाड़ उत्पन्न हुए थे। हालांकि महानगरपालिका प्रशासन और संबंधित यंत्रणाओं के दिन-रात चले युद्ध स्तरीय प्रयासों से बड़ा संकट टल गया शुक्रवार सुबह के बाद शहर की बाधित जलापूर्ति को पुनः सुचारु कर दिया गया।
गुरुवार दिनांक 5 की मध्यरात्रि को नए जायकवाड़ी पंपगृह में पंप क्रमांक एक की मोटर केवल कनेक्शन से अचानक धुआं निकलने लगा, जिससे ट्रिपिंग हो गई और संपूर्ण पंपिंग व्यवस्था ठप हो गई जांच में केबल के जलने की पुष्टि हुई इसी दौरान महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण द्वारा स्थापित पंप का कैपेसिटर भी जल गया साथ ही 1600 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर से तेल बाहर निकलने के कारण वह भी खराब हो गया, जिससे स्थिति और गंभीर बन गई महानगरपालिका के यांत्रिकी विभाग के कर्मचारियों ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार तड़के साढ़े चार बजे तीन पंप चालू किए गए दोपहर में ट्रांसफॉर्मर की आगे की मरम्मत के लिए कुछ समय पंप बंद रखे गए, जिसके बाद पुनः पंपिंग शुरू की गई।
1200 मिमी पाइपलाइन बंद रहने के कारण सिडको, हडको सहित कई क्षेत्रों में पानी की किल्लत रही हालांकि 700 और 900 मिमी पाइपलाइन चालू रखे जाने से पुराने शहर के अधिकांश हिस्सों में जल वितरण जारी रहा लीकेज के कारण उत्पन्न बाधा अवधि को ध्यान में रखते हुए शहर सहित सिडकोने और हडको क्षेत्र, यानी पूरे शहर के जल वितरण कार्यक्रम को एक दिन के लिए आगे बढ़ाया गया है।
वहीं जय विश्व भारती कॉलनी, हनुमान टेकड़ी, नारेगाव और विकलवाना सहित कुछ क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति डेढ़ से दो दिन आगे खिसका दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी एक से दो जलापूर्ति चक्रों में यदि कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न नहीं होती है तो पानी की आपूर्ति पूरी तरह से पूर्ववत कर दी जाएगी।
इसी बीच दोपहर में दौरकीन परिसर में 100 एमएलडी योजना की 1200 मिमी व्यास की मुख्य जलवाहिनी के फूटने की जानकारी मिली इसके बाद पंपिंग तुरंत बंद कर दी गई। इस स्थान पर पहले 1200 मिमी पाइपलाइन पर 900 मिमी पाइप डालकर कंक्रीट किया गया था, जिससे मरम्मत के लिए बड़े पैमाने पर खुदाई करनी पड़ी सटीक स्थान देर शाम तक स्पष्ट न होने के कारण पूरी रात कार्य चलता रहा।
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शुक्रवार सुबह आठ बजे तक पाइपलाइन की मरम्मत पूरी कर ली गई पाइपलाइन दुरुस्ती के बाद जलकुंभ भरने में तीन से चार घंटे लगे। इसके पश्चात शहर में जलापूर्ति धीरे-धीरे सामान्य की गई






