₹2700000000000000 के बाजार का रास्ता खुलेगा, पीयूष गोयल ने गिनाए भारत अमेरिका ट्रेड डील के फायदे

India-US Relations: भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर ट्रंप ने हस्ताक्षर किए। इससे MSMEs, किसानों और मछुआरों को फायदा, निर्यात बढ़ेगा, टैरिफ घटेंगे और लाखों नई नौकरियां बनेंगी।
Piyush Goel on India-US Trade Deal
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Piyush Goel on India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को इस समझौते के ढांचे की सराहना करते हुए कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के बड़े बाजार के रास्ते खुलेंगे। उनका कहना है कि यह समझौता खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs), किसानों और मछुआरों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।

गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर समझौते पर खुशी जताते हुए लिखा कि, इस समझौते से भारत के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और इससे लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी। इनमें ज्यादातर रोजगार महिलाएं और युवा हासिल करेंगे। पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ इस अंतरिम समझौते पर सहमति जताई है, जो देश के निर्यातकों और MSMEs के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा।

टैरिफ को घटकर 18% 

समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को घटाकर 18% कर देगा। इससे कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक रसायन, घर की सजावट की वस्तुएं, हस्तनिर्मित उत्पाद और कुछ विशेष मशीनरी जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ होगा। इसके अलावा, जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जे पर टैरिफ शून्य कर दिया जाएगा। भारत को विमान के पुर्जों पर सेक्शन 232 के तहत छूट मिलेगी, ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ कोटा मिलेगा और जेनेरिक दवाओं पर हुई बातचीत से इन क्षेत्रों में निर्यात में ठोस लाभ होगा।

डेयरी और कृषि व्यापार सुरक्षित 

केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते से किसानों और ग्रामीण आजीविका की सुरक्षा बनी रहेगी। संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पाद जैसे मक्का, गेहूं, चावल, सोयाबीन, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, इथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। दोनों देशों के बीच डेयरी और कृषि व्यापार को लेकर लंबे समय तक तनाव बना हुआ था।

इस समझौते से न केवल भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी मजबूती मिलेगी। इसके परिणामस्वरूप देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे।

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