RPI ने बढ़ाई महायुति नेताओं की टेंशन, आठवले ने मुंबई के लिए मांगी 24 सीटें और उपमहापौर पद

Mumbai News: बीएमसी चुनाव से पहले रामदास आठवले ने महायुति से 24 सीटें और उपमहापौर पद की मांग की है। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि वह संविधान बदलने का झूठा प्रचार कर रही है।
रामदास अठावले (pic credit; social media)
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BMC Elections: मुंबई बीएमसी चुनाव से पहले महायुति के भीतर सीट बंटवारे की राजनीति तेज हो गई है। केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री और आरपीआई (A) प्रमुख रामदास आठवले ने रविवार को बड़ा दांव खेलते हुए मुंबई में 24 सीटों की मांग की है। इतना ही नहीं, उन्होंने बीएमसी में उपमहापौर पद पर भी दावा ठोककर बीजेपी और गठबंधन के अन्य नेताओं की टेंशन बढ़ा दी है।

दीपावली के बाद संभावित मुंबई मनपा और राज्य के अन्य निकायों के चुनावों को देखते हुए महायुति के सभी दल एकजुट होकर मैदान में उतरने का दम भर रहे हैं। लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर अभी से प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। कांदिवली पश्चिम स्थित रघुलीला मॉल के जैस्मीन बैंक्वेट हॉल में आयोजित उत्तर मुंबई जिला आरपीआई कार्यकर्ता सम्मेलन में आठवले ने यह मांग रखी।

उन्होंने साफ कहा कि महायुति में आरपीआई को कम से कम 24 सीटें मिलनी चाहिए, जिनमें से उत्तर मुंबई की 7 सीटें हमारी प्राथमिकता हैं। आठवले ने दावा किया कि अगर ये सीटें मिलती हैं तो आरपीआई इनमें से कुछ पर जीत अवश्य दर्ज करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में आने पर महायुति को उपमहापौर का पद आरपीआई को देना चाहिए।

आठवले ने अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि बीएमसी में महायुति की सत्ता लाने के लिए अब कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत झोंकनी होगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी और अन्य दलों के साथ तालमेल करके हम मुंबई में महायुति को मजबूत स्थिति में ला सकते हैं।

इसके साथ ही आठवले ने कांग्रेस पर भी तीखे वार किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा समाज में फूट डालो और राज करो की नीति अपनाती रही है। आज भी वह संविधान बदलने का झूठा प्रचार कर समाज को गुमराह कर रही है। जबकि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान सर्वोत्तम है और इसे कोई बदल नहीं सकता।

बीएमसी चुनावों से पहले आठवले की इस मांग ने बीजेपी सहित गठबंधन के अन्य दलों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। महायुति के भीतर सीटों के बंटवारे पर सहमति बनाना अब और मुश्किल हो सकता है। हालांकि आठवले का यह भी दावा है कि आरपीआई को उचित सम्मान मिलने पर गठबंधन और मजबूत होगा और बीएमसी में महायुति की जीत सुनिश्चित होगी।

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