
NCP merger (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai News: लोकप्रिय अभिनेता व राकां (अजीत पवार गुट) के स्टार प्रचारक सयाजी शिंदे ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के विलय को लेकर चर्चा चल रही थी। सयाजी के इस दावे से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और खासकर राकां (अजीत पवार गुट) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल व महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
अजीत पवार के निधन को लगभग दो सप्ताह बीतने को हैं। इसके बावजूद महाराष्ट्र की राजनीति में राकां के दोनों धड़ों के एकीकरण को लेकर दावे और प्रति-दावे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक तरफ जहां राकां के वरिष्ठ नेता शरद पवार और उनके सहयोगी दोनों गुटों के विलय की चर्चा का दावा कर रहे हैं, वहीं शरद पवार ने तो यहां तक कहा है कि अजीत पवार 12 फरवरी को विलय की घोषणा करने वाले थे।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अजीत पवार के करीबी रहे प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे सहित अन्य नेता इस तरह की किसी चर्चा से अनभिज्ञता जता रहे हैं। इसी बीच सयाजी शिंदे ने कहा कि हमारे सामने इस विषय पर बातचीत हुई थी और यह तय हुआ था कि सब कुछ एक साथ शुरू होगा, लेकिन अचानक हुई इस दुर्घटना के बाद आगे क्या होगा, यह कहना मुश्किल है।
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उपमुख्यमंत्री पद को लेकर पूछे गए सवाल पर सयाजी शिंदे ने कहा कि सुनेत्रा पवार इस चुनौती को निभा सकती हैं, क्योंकि उन्हें राजनीतिक विरासत मिली है और उनका अजीत पवार के साथ लंबा साथ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अजीत पवार का यह अधूरा सपना पूरा होना चाहिए। सयाजी शिंदे ने सुनेत्रा पवार, सुप्रिया सुले और शरद पवार से अपील की कि दोनों परिवार अपने अहंकार और भावनाओं को किनारे रखकर एकजुट हों, ताकि पार्टी को फिर से मजबूत बनाया जा सके।






