Mumbai में 16.5 किमी मॉडल फुटपाथ, बीएमसी का अतिक्रमण-मुक्त पायलट प्रोजेक्ट शुरू

BMC ने मुंबई में 16.5 किमी फुटपाथों को अतिक्रमण-मुक्त, सुरक्षित और दिव्यांगजन-अनुकूल बनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। 14 प्रमुख लोकेशनों पर यूनिवर्सल फुटपाथ मॉडल विकसित किए जाएंगे।
Footpath
फुटपाथ (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: शहर में फुटपाथ की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। कहीं फेरीवालों का कब्जा है, तो कहीं गाड़ियां पार्क हैं, जिससे आम आदमी फुटपाथ का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं और उन्हें सड़कों पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सभी नगर निकायों को निर्देश दिया था कि अगले 6 महीने में फुटपाथ पर से अतिक्रमण हटाना है। ऐसे में बीएमसी शहर में 16।5 किमी लंबे फुटपाथों को पैदल यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए पुनर्विकसित करने की तैयारी कर रही है।

यह एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया जाएगा। शहर में पैदल यात्री अवसंरचना का रोडमैप तैयार करने के उद्देश्य से, 14 प्रमुख और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मौजूदा फुटपाथों के छोटे हिस्सों को "मॉडल" के रूप में तैयार किया जाएगा, जो यूनिवर्सल फुटपाथ नीति के अनुसार होंगे।

फुटपाथ के कुछ हिस्से दिव्यांगजन-अनुकूल

आंकड़ों के अनुसार, पुनर्विकास के लिए चुने गए 14 स्थानों में से 6.40 किमी (चार स्थान) दक्षिण मुंबई में, 5.96 किमी (पांच स्थान) पूर्वी उपनगरों में और 4.19 किमी (पांच स्थान) पश्चिमी उपनगरों में हैं। अतिरिक्त बीएमसी आयुक्त अभिजीत बांगर ने बताया कि इन फुटपाथों को "सभी के लिए सुलभ और अतिक्रमण मुक्त मॉडल" के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कुछ हिस्सों के रूप में स्पर्श-संवेदनशील (टैक्टाइल) पथों का उपयोग किया जाएगा ताकि यह दिव्यांगजन अनुकूल हों, पेड़ों के आसपास की जगह सुरक्षित रखी जाएगी और कुछ क्षेत्रों में बेंच भी लगाई जाएंगी।

अधिकारी बताते हैं कि मौजूदा फुटपाथों को यूनिवर्सल फुटपाथ पॉलिसी के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा। इस नीति में समान सतह, पर्याप्त चौड़ाई, अवरोधों और अतिक्रमणों को हटाने जैसे दिशानिर्देशों की सूची शामिल है।

नीति के अनुसार पैदल क्षेत्र की न्यूनतम क्षैतिज चौड़ाई 1.50 मीटर और ऊंचाई 2.20 मीटर होनी चाहिए, जिसे केवल बाधाओं, पेड़ों या दीवारों की स्थिति में 1।2 मीटर तक कम किया जा सकता है।

बजट में 100 करोड़ है आवंटित

बीएमसी के इस वर्ष के बजट में पैदल चलने की सुविधा के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब बीएमसी ने शहर को पैदलयात्री-अनुकूल बनाने का प्रयास किया हो। 2016 में बीएमसी ने अपनी पहली पैदलयात्री प्रथम नीति पेश की थी, जिसके तहत अतिक्रमण हटाने, डिजाइन, फर्नीचर जोन और अन्य मानकों के नियम तय किए गए थे। 2017 में, बीएमसी ने सहायक आयुक्तों को प्रमुख सड़कों के किनारे फुटपाथों की पहचान कर उन्हें नीति के अनुसार सुधारने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद, नागरिकों के लिए पर्याप्त और खुले फुटपाथों की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है।

पायलट प्रोजेक्ट के लिए मिली मंजूरी

इस सप्ताह की शुरुआत में बीएमसी ने पायलट परियोजना के लिए अंतिम मंजूरी प्राप्त कर ली। बांगर ने बताया कि "हम इन हिस्सों को ऐसे मॉडल के रूप में विकसित करेंगे जिन्हें अन्य क्षेत्रों में दोहराया जा सकें।

यह योजना बीएमसी के इस वर्ष के 'पैदल यात्री प्रथम' बजट प्रस्ताव का हिस्सा है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। उन्होंने संकेत दिया कि अगले वर्ष इस नीति के लिए बजट बढ़ाया जा सकता है।

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