
एमएमआर में पीएम ई-बस (pic credit; social media)
MMR Electric Bus Rollout Plan: मुंबई मेट्रोपोलिटन रिजन (एमएमआर) के तहत आने वाले शहरों में नागरिकों को प्रदूषण रहित आवागमन सुविधा के लिए पीएम-ई-बस सेवा योजना के तहत लगभग 600 बसें उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
ये इलेक्ट्रिक बसें एमएमआर के ठाणे , भिवंडी, कल्याण, उल्हासनगर, मीरा भायंदर एवं वसई विरार शहरों में चलेंगी। वैश्विक महानगर मुंबई के मुहाने पर बसे इन पड़ोसी शहरों की आबादी के साथ ट्रैफिक एवं प्रदूषण की समस्या भी तेजी से बढ़ी है।
बताया गया कि पीएम-ई-बस सेवा योजना के तहत भाग लेने वाले महाराष्ट्र के 22 शहरों में कुल 1609 ई-बसों को मंजूरी दी गई है। इनमें अकेले 600 ई बसें एमएमआर के शहरों के लिए मंजूर की गईं हैं। इनमें ठाणे , भिवंडी, कल्याण, उल्हासनगर, मीरा भायंदर एवं वसई विरार इन सभी नगर निगमों को 100-100 ई बसें मिलेंगी।
इनमें ठाणे, भिवंडी, वसई विरार व मीरा भायंदर मनपा को मिलने वाली 100-100 ई बसों के लिए निविदा जारी कर दी गई है। कल्याण डोम्बिवली को मिलने वाली 100 ई बसों में से 75 और उल्हासनगर के 100 में से 70 बसों के लिए निविदा प्रक्रिया की गई है।
प्रधानमंत्री ई बस योजना के तहत देश भर के छोटे बड़े शहरों में पीपीपी मॉडल पर ई बसें चला कर यात्रियों को कूल कूल यात्रा सुविधा दिए जाने की योजना है. इस योजना के तहत लगभग 50 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी जबकि 50 प्रतिशत का खर्च राज्य सरकार एवं स्थानीय निगमों को उठाना है। इस योजना के तहत स्थानीय निकायों को बस डिपो,इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था पहले ही करनी होगी। एमएमआर के ठाणे व भिवंडी शहर में ई बस डिपो एवं ई चार्जिंग स्टेशनों के काम शुरू हो चुका है।
वैसे राज्य भर में कुल 1609 बसों में 1411 बसों के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। लेकिन किसी भी शहर में बस का संचालन शुरू नहीं हुआ है। इस मामले को लेकर गुरुवार को संसद में भी चर्चा हुई।
बजट सत्र दौरान केंद्रीय आवास और शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस वर्षा गायकवाड़, सांसद सुप्रिया सुले, धैर्यशील मोहिते पाटील, अमोल कोल्हे और भास्कर भागरे के पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्य में शहर-वार स्वीकृत और निविदा की हुईं ई बसों की जानकारी दी ।
महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर को सर्वाधिक 150 ई बसें मंजूर हुई हैं। जबकि एमएमआर शहरों के अलावा अहमदनगर को 40, अकोला व अमरावती के लिए 50-50, संभाजीनगर के लिए 100, चंद्रपुर के लिए 50 बसें, धुले के लिए 28, इचलकरंजी 25, कोल्हापुर के लिए 100, लातूर के लिए 50, मालेगांव के लिए 26, नाशिक के लिए 100, परभणी के लिए 40, सांगली को 50 और सोलापुर के लिए 100 बसें स्वीकृत की गईं हैं।
ये भी पढ़ें :- Pune Infrastructure को मिलेगी नई रफ्तार, मिसिंग लिंक रोड और साइकिल ट्रैक योजना पर फोकस
भारत सरकार की योजना के मुताबिक 20 से 40 लाख तक की आबादी वाले शहरों को 150, 10 से 20 लाख व 5 से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों को 100-100 ई-बस देने की योजना है। इसी तरह से 5 लाख से कम आबादी वाले शहरों को 50 पीएम ई-बस दिए जाने की योजना है। एसी ई बसों के संचालन से जहां जहां छोटे बड़े शहरों में प्रदूषण कम होगा वहीं यात्रियों को आवागमन में आसानी होगी।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट






