खारदांडा कोलीवाडा के निर्माण कार्यों को नियमित करने की मांग, सांसद वर्षा गायकवाड़ ने उठाया मुद्दा

Khar Danda Koliwada Construction: मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड़ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर खारदांडा कोलीवाडा में निर्माण कार्यों को नियमित करने की मांग की है।
Mumbai Congress news
Varsha Gaikwad letter (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Mumbai News: मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर खार दांडा कोलीवाडा क्षेत्र में निर्माण कार्यों को नियमित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह एक गावठाण (ग्रामीण) क्षेत्र है, जहां निवासी कई वर्षों से रह रहे हैं।

सांसद गायकवाड़ ने बताया कि कोली समाज महाराष्ट्र, गुजरात और कोंकण के तटीय क्षेत्रों का सबसे पुराना निवासी माना जाता है। 15वीं शताब्दी से मुंबई के तटीय इलाकों में बसे इस समुदाय का मुख्य व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है और इन्हें ‘मुंबई के मूल निवासी’ के रूप में पहचाना जाता है।

आवश्यक मरम्मत कार्य भी नहीं हो पा रहे

उन्होंने कहा कि खारदांडा कोलीवाडा क्षेत्र में इमारतों की मरम्मत और निर्माण को लेकर मुंबई नगर निगम अधिनियम के तहत अब तक कोई स्पष्ट नियमावली तय नहीं की गई है। इसके कारण निर्माण की अनुमति प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और स्वामित्व वाली जमीन पर आवश्यक मरम्मत कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।

तकनीकी कमियों का फायदा

सांसद ने आरोप लगाया कि इन तकनीकी कमियों का फायदा उठाकर कुछ स्थानीय तत्व निवासियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा रहे हैं और नगर निगम व न्यायालय की प्रक्रिया के माध्यम से रंगदारी की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में खार पुलिस थाने में मामले भी दर्ज हैं। रंगदारी न देने पर गरीब निवासियों को उनके ही घरों से बेघर किया जा रहा है।

रंगदारी मांगने वाले तत्वों से संरक्षण

वर्षा गायकवाड़ ने मांग की है कि जब तक एक स्वतंत्र और स्पष्ट नियमावली तैयार नहीं हो जाती, तब तक खारदांडा कोलीवाडा में निर्माण कार्यों को लेकर नगर निगम और अन्य एजेंसियों के पास लंबित सभी शिकायतों पर कार्रवाई स्थगित करने का सरकारी आदेश जारी किया जाए। साथ ही, स्वामित्व वाली जमीन पर निर्माण से जुड़ी तकनीकी बाधाओं को दूर कर कार्यों को नियमित किया जाए और गरीब निवासियों को रंगदारी मांगने वाले तत्वों से संरक्षण दिया जाए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com