
Zilla Parishad voting Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Rural Elections: महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और उनके अंतर्गत आने वाली 125 पंचायत समितियों के चुनाव के लिए शनिवार (7 फरवरी) को मतदान संपन्न हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग ने अब गिनती के लिए तैयारी पूरी कर ली है। खब़र लिखे जाने तक महाराष्ट्र में कुल वोटिंग परसेंटेज के आंकड़े सामने नहीं आए हैं।
आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, जिला परिषदों की 731 सीटों और पंचायत समितियों की 1,462 सीटों के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग किया गया। इस चुनाव में कुल 7,438 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि कुल मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 8 लाख 20 हजार 702 थी। बता दें कि संपूर्ण मतदान प्रक्रिया के लिए पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त भी किया गया था।
राज्य निर्वाचन आयोग ने रायगड, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर जिला परिषदों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा 13 जनवरी 2026 को की थी। मूल रूप से 5 फरवरी को मतदान होना था, लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के कारण राज्य में तीन दिन का शोक घोषित होने से मतदान की तारीख बदल दी गई। शनिवार को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक मतदान हुआ। कुछ जगह मतदाताओं को देखतें हुए समय सीमा बढ़ा दी गई। अब सोमवार, 9 फरवरी को सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू होगी।
जिला परिषदों की कुल 731 सीटों में से 369 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थी। इसके अलावा अनुसूचित जाति के लिए 83, अनुसूचित जनजाति के लिए 25 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 191 सीटें आरक्षित थी। इन सीटों के लिए कुल 2,624 उम्मीदवार चुनाव लड़े। वहीं, 125 पंचायत समितियों की कुल 1,462 सीटों में से 731 सीटें महिलाओं के लिए, 166 सीटें अनुसूचित जाति, 38 सीटें अनुसूचित जनजाति और 342 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित थे। इनके लिए 4,814 उम्मीदवार मैदान में थे।
कुल मतदाताओं में 1 करोड़ 6 लाख 33 हजार 269 पुरुष, 1 करोड़ 1 लाख 86 हजार 965 महिलाएं और 468 अन्य मतदाता शामिल थे। उनके लिए 25,471 मतदान केंद्र बनाए गए थे। संपूर्ण प्रक्रिया के लिए लगभग 1 लाख 28 हजार कर्मचारियों को तैनात किए गए थे। मतदान के लिए 51,537 कंट्रोल यूनिट और 1 लाख 10,329 बैलेट यूनिट की व्यवस्था की गई थी।
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बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में नाम खोजने के लिए ‘मताधिकार’ मोबाइल ऐप उपलब्ध कराया था। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और गर्भवती महिलाओं को मतदान में प्राथमिकता दी गई। सभी मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर, बिजली, पेयजल, छाया और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने सभी मतदाताओं से अपील की थी कि वे बड़ी संख्या में मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत बनाएं।






