
सिखाए जाएंगे उद्योग-जगत की जरूरत के अनुरूप इनोवेटिव कोर्स
Mumbai News: महाराष्ट्र के कौशल्य, रोजगार, उद्योजकता व नाविन्यता मंत्री, मंगल प्रभात लोढ़ा ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ‘आईटीआई’ (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) के माध्यम से उपलब्ध बुनियादी ढांचे, साथ ही उद्योग क्षेत्र के ज्ञान और अनुभव के सहयोग से कुशल और रोजगार-सक्षम मानव संसाधन तैयार करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि कौशल्य विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि उद्योग समूह अपनी आवश्यकता के अनुसार छात्रों को प्रशिक्षण दे सकें।
सह्याद्री गेस्ट हाउस में पीपीपी मॉडल नीति के संबंध में विभिन्न उद्योगपतियों के साथ संवाद के दौरान मंत्री लोढ़ा ने कहा कि सरकार उद्योग समूहों के सहयोग से आईटीआई के छात्रों के कौशल को विकसित करके कुशल मानव संसाधन बनाने की पहल की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और तकनीकी शिक्षा स्कूलों में छात्रों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए नामचीन उद्योग समूहों की मदद ले रही है।
कौशल्य मंत्री लोढ़ा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उद्योग समूहों का अनुभव इस पहल में बहुत उपयोगी साबित होगा। यदि उद्योग समूह छात्रों को उनके अध्ययन के दौरान ही अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण देते हैं तो इससे समय और लागत की बचत होगी। उद्योग समूहों को उनकी आवश्यकता के अनुसार छात्रों को प्रशिक्षण देने में सुविधा हो, इसके लिए आईटीआई परिसर में स्वतंत्र जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
लोढ़ा ने कहा कि कुशल मानव संसाधन की तलाश में उद्योग समूहों का समय और पैसा दोनों खर्च होता है। सरकार के साथ साझेदारी करने से उद्योग समूहों की कुशल मानव संसाधन की जरूरत पूरी होगी और साथ ही रोजगार सृजन भी होगा। उन्होंने बताया कि राज्य भर में आईटीआई की विशाल बुनियादी सुविधाएं हैं। शहरी, औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ तालुका स्तर पर भी आईटीआई ने छात्रों के लिए सभी सुविधाएं स्थापित की हैं।
मंत्री लोढ़ा ने बताया कि अगर उद्योग सरकार के साथ साझेदारी करते हैं, तो वे संबंधित आईटीआई में अपनी जरूरत के अनुसार मानव संसाधन के लिए अतिरिक्त पाठ्यक्रम सिखा सकते हैं। इसके लिए संबंधित उद्योग समूह को कार्यालय या सेवा केंद्र के लिए आवश्यक जगह उसी आईटीआई में उपलब्ध कराई जाएगी। दिन के समय छात्रों के नियमित पाठ्यक्रम के बाद, शाम को उद्योग समूह उन्हें अपनी आवश्यकता के अनुसार अलग से पाठ्यक्रम सिखा सकते हैं।
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इसके अलावा, कुछ अल्पकालिक पाठ्यक्रम भी यहां सिखाए जा सकते हैं। इस अवसर पर कौशल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, मित्रा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रविण परदेशी, कौशल विकास आयुक्त लहुराज माली, व्यवसाय शिक्षण व प्रशिक्षण संचालनालय की संचालक माधवी सरदेशमुख, रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो.(डॉ.) अपूर्वा पालकर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।






