आचार संहिता से पहले महाराष्ट्र सरकार ने खोला पिटारा, एक ही दिन में लिए ये 21 बड़े फैसले

Maharashtra Cabinet Decisions: आचारसंहिता लागू होने से पहले महाराष्ट्र सरकार ने कैबिनेट में 21 फैसले लिए, शहरी स्वास्थ्य आयुक्तालय और चंद्रपुर में सरकारी पॉलिटेक्निक की मंजूरी।
Maharashtra Cabinet Decisions: आचारसंहिता लागू होने से पहले महाराष्ट्र सरकार ने कैबिनेट में 21 फैसले लिए, शहरी स्वास्थ्य आयुक्तालय और चंद्रपुर में सरकारी पॉलिटेक्निक की मंजूरी।
महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक (सौजन्य-एक्स)
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Devendra Fadnavis Cabinet: राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निकाय चुनावों की घोषणा किए जाने से पहले महायुति सरकार ने खजाने का पिटारा खोल दिया। मंगलवार को आचारसंहिता लागू होने से पहले हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 21 अहम फैसले लिए गए। इनमें शहरी स्वास्थ्य आयुक्तालय की स्थापना, चंद्रपुर में सरकारी पॉलिटेक्निक, मुंबई के बांद्रा में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम को जमीन, मछुआरों के ऋण पर चार प्रतिशत व्याज सब्सिडी, हिंद दी चादर समागम के लिए निधि और विरार-अलीबाग बहुउद्देश्यीय परिवहन गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण ऋण के लिए सरकारी गारंटी जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता मैं हुई कैबिनेट की बैठक में बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए एक शहरी स्वास्थ्य आयुक्तालय की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है। लगभग 50 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है। राज्य में 29 मनपा, 247 नगर परिषद और 147 नगर पंचायतें हैं। शहर में स्वास्थ्य व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग और नगर विकास विभाग में विभाजित है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम बनाने के लिए यह आयुक्तालय स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जरूरी पदों को भी मंजूरी दी गई है।

चंद्रपुर में सरकारी पॉलिटेक्निक

चंद्रपुर जिले के मूल में 300 प्रवेश क्षमता वाला एक नया सरकारी पॉलिटेक्निक खोलने को मंजूरी दी गई है। यह संस्थान स्थानीय छात्रों को तकनीकी शिक्षा के नए अवसर प्रदान करेगा। सूरजगढ़ इस्पात प्राइवेट लिमिटेड मूल में एक कारखाना स्थापित करेगी। साथ ही इस क्षेत्र में एक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित किया जाएगा। इन कंपनियों को कुशल जनशक्ति की आवश्यकता होगी। इसके लिए एक तकनीकी कॉलेज की आवश्यकता थी। इस कॉलेज के लिए चरणबद्ध तरीके से 39 शैक्षणिक और 42 गैर-शैक्षणिक पदों को मंजूरी दी गई है। पीएम आवास योजना के तहत असंगठित मजदूरों के लिए सोलापुर के कुंभारी व दक्षिण सोलापुर में बनने वाले 30 हजार घरों की परियोजना को बड़ी राहत मिली है। इस परियोजना के लिए अनर्जित राशि, दान राशि और गैर-कृषि उपयोग शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया है।

किसानों और मत्स्य पालन को राहत

21 हेक्टेयर 62 एकड़ भूमि पर 16 करोड़ 93 लाख 89 हजार 300 रुपये की अप्राप्त राशि और 8 लाख 5 हजार 224 रुपये का बकाया गैर-कृषि कर माफ किया जाएगा। इससे किफायती दरों पर मकान उपलब्ध हो सकेंगे। राज्य में किसान क्रेडिट कार्ड धारक मछुआरों, मत्स्य पालकों, मत्स्य उत्पादकों और मत्स्य व्यापारियों को 2 लाख रुपये तक के अल्पकालिक पूंजी ऋण पर चार प्रतिशत ब्याज वापसी अनुदान देने का निर्णय लिया गया है। इससे हजारों मछुआरा परिवारों को राहत मिलेगी। किसानों के फसल ऋण की तरह मछुआरों को कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा।

पैठण में बनेगा सिविल न्यायालय

छत्रपति संभाजीनगर जिले के पैठण में सिविल न्यायाधीश वरिष्ठ स्तर न्यायालय की स्थापना की अनुमति प्रदान की गई है। साथ ही न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के पदों के अनुमोदन की भी मंजूरी दी गई है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी की तर्ज पर राज्य में स्थापित राज्य परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी महा आर्क लिमिटेड को बंद करने का निर्णय लिया गया है। रिजर्व बैंक ने इस कंपनी को लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है। इसके कारण, कंपनी का संचालन कानूनी रूप से असंभव हो जाएगा।

पुणे में जिला सत्र न्यायालय

पुणे जिले के घोडानाडी- शिरूर में जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायालय को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही सिविल न्यायालय वरिष्ठ स्तरीय व सरकारी अभियोजक कार्यालय की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए पदों को भी मंजूरी दी गई है। पुणे मुख्यालय और घोडानाडी-शिरुर के बीच की दूरी 85 किमी है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है कि न्याय के लिए पुणे मुख्यालय आने की आवश्यकता न पड़े।

ग्रापं कर्मियों के टैक्स शर्त में ढील

राज्य में ग्राम पंचायत कर्मचारियों को टैक्स संग्रह के अनुपात में वेतन देने के लिए टैक्स संग्रह की शर्त में ढील दी गई है। अब 60 प्रतिशत से अधिक टैक्स संग्रह वाली ग्राम पंचायतों को 100 प्रतिशत वेतन हिस्सा मिलेगा, 50 से 60 प्रतिशत के बीच कर संग्रह पर 90 प्रतिशत और 50 प्रतिशत से कम टैक्स संग्रह पर 80 प्रतिशत वेतन दिया जाएगा। पहले निर्णय के अनुसार सरकार के 100 प्रतिशत वेतन हिस्से के लिए कम से कम 90 प्रतिशत कर संग्रह की शर्त लगाई गई थी।

हिंद दी चादर के लिए 95.35 करोड़ रुपए

श्री गुरु तेग बहादूर के 350 वें सहादत शताब्दी समागम कार्यक्रम हिंद दी चादर के लिए 95 कोटी 35 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। नांदेड, नागपूर व खारघर सहित राज्यव्यापी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वर्धा नगर परिषद के स्वामित्व वाले रामनगर के भूखंडों पर मालिकाना हक देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

ये भूखंड वर्ष 1931 में लगभग 1056 लोगों को 30 साल के पट्टे पर दिए गए थे। इसी तरह वाशिम जिले की तहसील मनोरा के वैगौल ग्राम पंचायत को श्रद्धालुओं के आवास और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए 1.52 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क देने का निर्णय लिया गया है।

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