

Rohit Pawar on Election Commission: एनसीपी के शरद गुट के नेता और विधायक रोहित पवार ने आगामी चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में 48 लाख नए मतदाताओं का जुड़ना चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।
मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए रोहित पवार ने चुनाव आयोग से दोबारा मतदाताओं की पारदर्शी सूची जल्दी जारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ मतदाता सूची के बिना स्वच्छ चुनाव नहीं हो सकते। लोकसभा चुनाव में हार के बाद आयोग की मशीनरी जागृत हुई, लेकिन फिर भी आयोग ने घोटाला किया।
रोहित ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि आयोग ने पारदर्शी मतदाता सूची समय पर जारी नहीं की, तो यह चुनाव प्रक्रिया पर जनता का विश्वास पूरी तरह से टूट जाएगा। रोहित ने आरोप लगाया कि राज्य निर्वाचन आयोग के पास दुबारा मतदाताओं के बारे में सारी जानकारी होने के बावजूद वे कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन दुबार मतदाताओं में केवल मुस्लिम ही नहीं, बल्कि हिंदू और उत्तर भारतीय मतदाता भी शामिल हैं। हमनें जब यह सूची तैयार की, तो किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया गया। पवार ने राज्य निर्वाचन आयोग से सवाल किया कि अगर आयोग के पास यह जानकारी है कि कुछ नाम डबल हैं, तो फिर उन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता?
इसके साथ ही, रोहित ने बीजेपी नेता आशिष शेलार का नाम लेते हुए कहा कि शेलार विभीषण होने के बावजूद सच का पक्ष रख रहे हैं। पवार ने बताया कि शेलार ने कर्जत-जामखेड विधानसभा क्षेत्र में 14,000 दुबार मतदाताओं के बारे में प्रमाण पेश किए हैं। इसके अलावा, शिरुर विधानसभा क्षेत्र में 1,133 दुबार मतदाता और 1,578 मिसिंग नोटिस के बारे में भी उन्होंने दावा किया। पवार ने यह भी आरोप लगाया कि चिंचवड विधानसभा क्षेत्र में 54,660 लोगों की घुसपैठ हुई है और ये लोग दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों से लाए गए थे।