पोखरी घाट के पास नीलगाय को बनाया अज्ञातों ने शिकार, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

Mahagaon Forest Wildlife Crime: यवतमाल जिले के महागांव तहसील के काली (दौ.) वनपरिक्षेत्र में पोखरी घाट के पास शिकारियों ने नीलगाय की हत्या कर उसके शरीर के हिस्से काटकर ले जाने का मामला सामने आया है।
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Mahagaon forest wildlife crime (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Yavatmal Wildlife News: नीलगाय के शिकार की एक चौंकाने वाली घटना यवतमाल जिला के महागांव तहसील अंतर्गत आने वाले काली (दौ.) वनपरिक्षेत्र में सामने आई है। पोखरी घाट क्षेत्र में अज्ञात शिकारियों ने जाल बिछाकर नीलगाय को पकड़ लिया और धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं, शिकारियों ने उसके शरीर के कई हिस्से काटकर ले जाने की भी आशंका जताई जा रही है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, 10 मार्च को स्थानीय नागरिकों को पोखरी शिवार के घाट क्षेत्र में नीलगाय का शव बुरी हालत में पड़ा हुआ मिला। जब शव की जांच की गई तो प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि यह किसी जंगली जानवर का हमला नहीं, बल्कि शिकारियों द्वारा किया गया शिकार है।

काली (दौ.) वनपरिक्षेत्र में नीलगाय के शिकार से सनसनी

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शिकारियों ने नीलगाय के पैर, पेट के अंदरूनी अंग और बड़ी मात्रा में मांस काटकर ले जाने के संकेत छोड़े हैं। इससे यह मामला संगठित शिकार का प्रतीत हो रहा है। इस संबंध में काली (दौ.) वनपरिक्षेत्र के वनपरिक्षेत्र अधिकारी सम्राट मेश्राम से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि मृत नीलगाय के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले की विस्तृत जानकारी सामने आएगी।

वन विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखी आलोचना

इस घटना के बाद वन विभाग की गश्त व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। खास बात यह है कि इसी वनपरिक्षेत्र में 16 अप्रैल 2024 को भी तीन नीलगायों के शिकार की घटना सामने आई थी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

उस समय वन विभाग की निष्क्रियता के कारण मामले में स्थानीय अपराध शाखा को हस्तक्षेप करना पड़ा था। उस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 2 आरोपी फरार हो गए थे। अब एक बार फिर इसी प्रकार की घटना सामने आने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखी आलोचना हो रही है।

कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों और वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो शिकारियों के हौसले और बढ़ सकते हैं।वन्यजीव प्रेमियों ने इस ताजा मामले की गहन जांच कर दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने और काली (दौ.) वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।

वनपरिक्षेत्र अधिकारी सम्राट मेश्राम ने कहा कि “इस घटना में नीलगाय के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी।”

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