शिवसेना और एनसीपी पार्टी सिंबल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में ठीक तीन साल पहले एक ऐसा भूचाल आया था कि राज्य की बड़ी राजनीतिक पार्टी दो टुकडों में बंटकर अलग-अलग हो गई थी। तीन साल पहले जून 2022 में शिवसेना में बगावती दौर छाया और एकनाथ शिंदे ने अपने विधायकों के साथ मिलकर उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी और अपनी अलग पार्टी बना ली। पार्टी बनाने के बाद एकनाथ शिंदे ने यह भी दावा कर दिया कि उनकी शिवसेना असली शिवसेना है।
यह मामला ताजा ही था कि दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भी बगावत का सुर उठा। एक साथ के अंदर ही अजित पवार ने भी एनसीपी शरद पवार गुट से अलग होकर अपनी पार्टी का निर्माण किया। अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की पार्टी से अलग होकर एनसीपी पार्टी का निर्माण किया और दावा कर दिया कि उनकी एनसीपी असली एनसीपी है।
इस पर चुनाव आयोग ने पार्टी और सिंबल को लेकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के पक्ष में फैसला सुनाया। इसलिए उद्धव ठाकरे और शरद पवार की पार्टियों के नेता इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गए। अब डेढ़ साल बाद शिवसेना और एनसीपी के बीच पार्टी सिंबल को लेकर सुनवाई होगी। शिवसेना पार्टी के सिंबल और नाम को लेकर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट डेढ़ साल बाद सुनवाई करेगा।
सितंबर 2023 के बाद यह मामला पहली बार सुप्रीम कोर्ट में लिस्ट के लिए आया है। इसलिए अब इस मामले की सुनवाई 7 मई को होगी। साथ ही एनसीपी की पार्टी और सिंबल पर 14 मई को सुनवाई होगी। यह सुनवाई केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर होगी।
शिवसेना पार्टी और धनुष-बाण सिंबल मामले में चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके खिलाफ उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उद्धव ठाकरे ने फरवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की थी। लेकिन सितंबर 2023 से इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। डेढ़ साल बाद यह मामला पहली बार 7 मई को सुनवाई के लिए आ रहा है। तो क्या यह मामला 7 मई को सुनवाई के लिए आएगा? यह देखना महत्वपूर्ण है। यह सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस कोटेश्वर सिंह के समक्ष है।
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एनसीपी पार्टी और सिंबल पर भी चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसलिए शरद पवार गुट ने आयोग के फैसले को चुनौती दी है। शरद पवार गुट की याचिका पर कई दिनों से सुनवाई नहीं हुई थी। अब एनसीपी पार्टी और सिंबल पर 14 मई को सुनवाई होने की संभावना है। यह मामला इसी तारीख को कोर्ट के सामने आया है।