बिहार चुनाव: RJD को बड़ा झटका, टिकट बंटवारे से नाराज 50 अति पिछड़ा नेताओं का सामूहिक इस्तीफा

Bihar Chunav: बिहार चुनाव से ठीक पहले RJD के करीब 50 अति पिछड़ा नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। नेताओं ने टिकट बंटवारे में उपेक्षा, पक्षपात और आर्थिक ताकत के दबदबे का आरोप लगाया है।
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राजद नेताओं का इस्तीफा, फोटो- सोशल मीडिया
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Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में टिकट वितरण को लेकर असंतोष गहरा गया है। इसी कड़ी में, प्रदेश महासचिव भोला सहनी और प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कुमार गौरव सहित अति पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के करीब 50 नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को बड़ा झटका लगा है। टिकट वितरण में उपेक्षा और पक्षपात का आरोप लगाते हुए, पार्टी के अति पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ से जुड़े करीब 50 नेताओं ने सामूहिक रूप से अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

प्रदेश महासचिव भोला सहनी इन नेताओं की इस्तीफा

इस्तीफा देने वाले प्रमुख पदाधिकारियों में प्रदेश महासचिव भोला सहनी (जो पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष भी रहे हैं), प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कुमार गौरव, प्रधान महासचिव गोपाल लाल देव, जिला महासचिव श्याम सुंदर कामत, और प्रदेश सचिव सुशील सहनी सहित कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, जिला अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, कई प्रखंड अध्यक्ष और पंचायत स्तर के पदाधिकारी भी इस समूह में शामिल हैं।

टिकट बंटवारे को लेकर है नाराजगी

नाराज नेताओं ने दरभंगा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त की। राजद अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कुमार गौरव ने कहा कि अति पिछड़ा समाज के लोग वर्षों से राजद के लिए मेहनत कर रहे थे, लेकिन टिकट बंटवारे में इस समाज को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में अब विचारधारा नहीं बची है, बल्कि व्यक्ति विशेष की चापलूसी और आर्थिक ताकत का दबदबा है। इसी कारण उन्होंने सामूहिक रूप से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया।

हमारा मनोबल टूट रहा है: साहनी

इस्तीफा देने वालों में शामिल पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष भोला सहनी ने कहा कि पार्टी में समर्पित और ईमानदार कार्यकर्ताओं का मनोबल लगातार टूट रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह असंतोष आने वाले चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर असर डालेगा। भोला सहनी ने स्पष्ट किया कि अब वे सम्मानजनक राजनीति करेंगे, न कि अपमानजनक समझौते।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले अति पिछड़ा वर्ग से जुड़े इतने बड़े समूह का पार्टी से अलग होना राजद के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। खासकर, यह असर उत्तर बिहार के उन इलाकों में अधिक देखने को मिल सकता है, जहां यह अति पिछड़ा वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता है।

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