

Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 को महाराष्ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने देश के दीर्घकालिक विकास का एक मजबूत ढांचा बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट वर्ष 2047 के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाला एक समावेशी और विकासोन्मुखी दस्तावेज है।
मंत्री छगन भुजबल ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि कैंसर की 17 दवाओं और सात दुर्लभ बीमारियों के इलाज को सस्ता करने का निर्णय लाखों मरीजों के लिए बड़ा सहारा बनेगा। उन्होंने दिव्यांगों के लिए घोषित ‘दिव्यांगजन कौशल्य योजना’ और ‘दिव्यांग सहारा योजना’ को सरकार की समावेशी विकास नीति का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
रोजगार और कौशल विकास पर जोर देते हुए भुजबल ने कहा कि गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए 15 हजार स्कूलों में विशेष लैब स्थापित कर 2030 तक 20 लाख प्रोफेशनल तैयार करने का संकल्प ‘डिजिटल इंडिया’ को नई मजबूती देगा। वहीं, ‘शी-मार्ट्स’ जैसी योजनाओं से महिला सशक्तिकरण और उनके आर्थिक स्वावलंबन को नई दिशा मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उन्होंने पुणे-हैदराबाद सहित सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा को मील का पत्थर बताया। साथ ही सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के आवंटन और डेटा सेंटर के लिए ‘टैक्स हॉलिडे’ जैसी घोषणाओं को भारत को वैश्विक तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
बजट में नारियल, काजू और बादाम जैसी फसलों के लिए विशेष योजनाओं से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। वहीं, टेक्सटाइल और लेदर उद्योग के लिए निर्यात शुल्क में कटौती से ‘मेक इन इंडिया’ को गति मिलेगी।
मंत्री भुजबल ने वित्तीय घाटे को 4.3 प्रतिशत पर नियंत्रित रखने की सराहना करते हुए कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आर्थिक साख और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से इस बजट का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा, जो भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आशाजनक है।