
बीएमसी चुनाव एग्जिट पोल (फोटो नवभारत)
BMC Election Results Exit Poll: महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए मतदान संपन्न हो चुका है, जिसमें सबकी नजरें देश के सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी (BMC) पर टिकी हैं। शिवसेना और एनसीपी में विभाजन के बाद यह पहला बड़ा स्थानीय चुनाव है, जिसके एग्जिट पोल के रुझानों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनावों का शोर अब शांत हो चुका है और सभी की निगाहें 16 जनवरी को आने वाले आधिकारिक नतीजों पर टिकी हैं। शिवसेना और एनसीपी में हुई ऐतिहासिक टूट के बाद यह पहला मौका है जब चुनावी मैदान में समीकरण पूरी तरह बदले हुए नजर आए हैं। जहा एक ओर बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ी, वहीं दूसरी ओर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की जोड़ी साथ मैदान में उतरी। एग्जिट पोल के रुझान अब सामने आ चुके हैं और वे महायुति के लिए बड़ी जीत का संकेत दे रहे हैं।
एक्सिस माई इंडिया (AXIS My India) के एग्जिट पोल के अनुसार, मुंबई में बीजेपी गठबंधन (महायुति) को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान है। इस सर्वे के मुताबिक, महायुति को 131 से 151 सीटें मिल सकती हैं, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं अधिक है। वहीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) और उनके सहयोगियों को केवल 58 से 68 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। वोट शेयर की बात करें तो महायुति को 44% महिलाओं और 40% पुरुषों का समर्थन मिलता दिख रहा है, जबकि ठाकरे गठबंधन को 31% महिलाओं और 33% पुरुषों का वोट मिलने की संभावना है।
जेवीसी के एग्जिट पोल में भी महायुति का पलड़ा भारी नजर आ रहा है, जहां उन्हें 138 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। इसके विपरीत, ठाकरे ब्रदर्स और शरद पवार के गठबंधन को 59 सीटें मिलने का अनुमान है। डीवी रिसर्च (DV Research) के आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति को 107 से 122 सीटें और ठाकरे बंधुओं के गठबंधन को 68 से 83 सीटें मिल सकती हैं। वोट शेयर के मामले में डीवी रिसर्च ने महायुति को 41% और ठाकरे गठबंधन को 33% वोट मिलने का अनुमान लगाया है।
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बीएमसी के कुल 227 वार्डों के लिए हुए इस चुनाव में राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। सीटों के अंतिम बंटवारे के अनुसार, बीजेपी ने 137 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 90 सीटों पर चुनाव लड़ा।
दूसरी तरफ, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने सबसे अधिक 163 उम्मीदवार मैदान में उतारे। राज ठाकरे की मनसे (MNS) ने 52, कांग्रेस ने 143 और प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) ने 46 सीटों पर अपनी किस्मत आजमाई है। अजित पवार की एनसीपी ने भी 94 सीटों पर अलग से चुनाव लड़ा। अब सभी की नजरें 16 जनवरी के नतीजों पर हैं, जो यह तय करेंगी कि मुंबई का असली ‘सुलतान’ कौन बनेगा।






