

Mumbai Voter List Issues: मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के लिए मतदान के दौरान गुरुवार को कई केंद्रों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। ऑनलाइन उपलब्ध मतदाता जानकारी और बूथ स्तर के रिकॉर्ड में अंतर होने के कारण मतदाताओं ने इसे 'संगठनात्मक विफलता' करार दिया। लंबी कतारों और वोटिंग स्लिप की कमी से निराश होकर कई नागरिकों को बिना वोट डाले ही घर लौटना पड़ा।
महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के लिए हो रहे चुनाव के बीच मुंबई में मतदाताओं को गंभीर तकनीकी और प्रबंधकीय समस्याओं का सामना करना पड़ा है। गुरुवार सुबह 7:30 बजे मतदान शुरू होते ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। समाचारों के अनुसार, ऑनलाइन पोर्टल पर जो मतदाता क्रमांक और जानकारी दिखाई दे रही थी, वह पोलिंग बूथ पर मौजूद आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी। एक मतदाता ने अपनी निराशा व्यक्त की और कहा कि इंटरनेट पर हमें जो नंबर मिला, वह यहां के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता। यह पूरी तरह से संगठनात्मक विफलता है। मुझे बिना वोट डाले वापस जाना पड़ रहा है। ऐसे कई मामले सामने आए जहां नागरिक घंटों कतार में खड़े रहने के बाद केवल इसलिए मतदान नहीं कर पाए क्योंकि रिकॉर्ड में उनका डेटा गलत पाया गया।
अव्यवस्था का असर केवल आम नागरिकों पर ही नहीं, बल्कि प्रमुख हस्तियों पर भी दिखा। फिल्म निर्माता आशुतोष गोवारिकर के भाई, अविनाश गोवारिकर ने बताया कि हालांकि वे मतदान करने के लिए जल्दी पहुंच गए थे, लेकिन वोटिंग स्लिप (मतदान पर्ची) की कमी के कारण अनावश्यक देरी हुई। उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक है, जगह आरामदायक है, लेकिन वोटिंग स्लिप नहीं है। इस वजह से लोगों को अपना वोटिंग नंबर खोजने में समय लग रहा है और प्रत्येक वोट डालने में करीब पांच मिनट का समय लग रहा है।
गोवारिकर ने यह भी कहा कि मतदाताओं में काफी उत्साह था, लेकिन लंबी कतारों और पर्चियों की कमी ने इस उत्साह को कम कर दिया है। उन्होंने राजनीतिक दलों पर भी सवाल उठाया कि इस वर्ष उन्होंने चुनाव पर्चियां जारी करने का प्रबंधन क्यों नहीं किया। इसी बीच, अभिनेत्री हेमा मालिनी ने भी अपना वोट डाला और मुंबई के बेहतर भविष्य के लिए अपनी दृष्टि साझा की।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के 893 वार्डों में कुल 2,869 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इन सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रहे 15,908 उम्मीदवारों का भविष्य लगभग 3.48 करोड़ मतदाता तय करेंगे। पूरे राज्य में कुल 39,092 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो, भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना 'महायुति' गठबंधन के रूप में अधिकांश शहरों में चुनाव लड़ रहे हैं, हालांकि पुणे में वे अलग हैं। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) कई निगमों में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रही है। मतदान शाम 5:30 बजे तक चलेगा और मतों की गिनती शुक्रवार, 16 जनवरी को की जाएगी।