Middle East Crisis: दुबई से मुंबई लौटे लोगों ने सुनाई आपबीती, बताया कैसा रहा भारत वापसी का उनका सफर

Dubai Abu Dhabi Returnees Stories: दुबई और अबू धाबी से मुंबई पहुंचे यात्रियों ने सुनाई युद्ध के बीच की आपबीती। मस्कट के रास्ते लौटे भारतीयों ने राहत और खुशी व्यक्त की।
Dubai Abu Dhabi Returnees Stories
Dubai Abu Dhabi Returnees Stories (फोटो क्रेडिट-X)
Published on
Updated on

Mumbai Airport Arrivals Middle East: मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल युद्ध के कारण उपजे तनाव और हवाई क्षेत्र (Airspace) में पाबंदियों के बीच, दुबई और अबू धाबी से मुंबई लौट रहे यात्रियों ने राहत की सांस ली है। मंगलवार को छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे यात्रियों के चेहरे पर अपनों के पास लौटने की खुशी और युद्ध के साये में बिताए पलों की चिंता साफ दिखाई दे रही थी।

यात्रियों ने बताया कि कैसे उन्हें अपनी यात्रा के रूट बदलने पड़े और मस्कट जैसे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेकर घंटों के इंतजार के बाद भारत के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (मुंबई एयरपोर्ट) पर पहुंचना संभव हुआ।

लंबा सफर: मस्कट बना 'गेटवे ऑफ इंडिया'

दुबई से लौटे यात्रियों ने साझा किया कि एयरस्पेस बंद होने के कारण उन्हें सीधे मुंबई आने में कठिनाई हुई। एक व्यवसायी ने बताया, "दुबई से सीधे निकलना मुश्किल था, इसलिए मैंने मस्कट का रास्ता चुना। मस्कट से बाहर निकलने में करीब 12 घंटे लग रहे हैं, लेकिन फिलहाल भारत लौटने का यही सबसे सुरक्षित जरिया है।" यात्रियों के अनुसार, भले ही शहरों में जनजीवन सामान्य दिख रहा है, लेकिन युद्ध के कभी भी बढ़ने की आशंका ने लोगों के मन में गहरा डर पैदा कर दिया है।

भारतीय नेतृत्व और एयर इंडिया का आभार

अबू धाबी से 580 लोगों के एक बड़े समूह के साथ लौटे एक यात्री ने भारत सरकार और एयर इंडिया की सक्रियता की सराहना की। उन्होंने कहा, "मैं अपनी लीडरशिप और एयर इंडिया की टीम का शुक्रगुजार हूं। एयरस्पेस की चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हमें सुरक्षित निकालने के लिए कड़ी मेहनत की। अब हमारे ग्रुप के बाकी लोग भी सुरक्षित रास्तों से वापस आ रहे हैं।" कई यात्रियों ने यह भी बताया कि दुबई का डिफेंस सिस्टम काफी मजबूत महसूस हुआ, जिससे धमाकों की आवाजों के बावजूद वहां फंसे लोग सुरक्षित महसूस कर रहे थे।

दुबई की यादें और धमाकों की दहशत

महाराष्ट्र के इचलकरंजी के एक निवासी ने बताया कि दुबई की खूबसूरती और विकास ने उन्हें प्रभावित किया, लेकिन यात्रा का अंत धमाकों की दहशत के साथ हुआ। एक अन्य यात्री ने कहा, "हम 24 तारीख को दुबई पहुंचे थे, लेकिन हालात बिगड़ते देख हमने अपनी यात्रा छोटी कर दी और घर लौटने का फैसला किया। अपनों के बीच वापस आकर जो सुकून मिल रहा है, वह अनमोल है।" ओमान के रास्ते आए यात्रियों ने भी वहां के स्थानीय लोगों की मदद के लिए आभार व्यक्त किया और क्षेत्र में शांति की प्रार्थना की।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com