

Maharashtra Politics: मुंबई से सटे डोंबिवली में उस वक्त राजनीतिक घमासान मच गया जब कांग्रेस कार्यकर्ता प्रकाश मामा पगारे ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साड़ी पहने एक मॉर्फ्ड तस्वीर साझा की। इस तस्वीर के बाद भारी आक्रोश, विरोध प्रदर्शन और भाजपा व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच सड़क पर नाटकीय झड़प देखने को मिली। इस पोस्ट के साथ एक गाना भी शेयर किया गया जिसे भाजपा नेताओं ने अपमानजनक करार दिया। 73 वर्षीय पगारे उल्हासनगर क्षेत्र में अपने स्पष्टवादी अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं।
हालांकि, इस पोस्ट से भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराज़गी फैल गई और उन्होंने इस हरकत को देश के सर्वोच्च नेतृत्व का अपमान बताया। जवाब में, पगारे को कथित रूप से भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुलाया और उन्हें साड़ी पहनाई।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा के कल्याण जिला अध्यक्ष नंदू परब ने किया, जिन्होंने कांग्रेस नेता के इस कदम की कड़ी आलोचना की। परब ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री की इस तरह की अशोभनीय तस्वीर पोस्ट करना न केवल अपमानजनक है, बल्कि पूरी तरह अस्वीकार्य भी है। अगर हमारे नेताओं को बदनाम करने के लिए दोबारा ऐसी कोशिशें की गईं, तो भाजपा और कड़ी प्रतिक्रिया देगी।
हालांकि, कांग्रेस ने भाजपा की प्रतिक्रिया को अनुचित बताया। कल्याण जिला कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पोटे ने कहा कि पगारे 73 वर्षीय वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता हैं। अगर उन्होंने कोई आपत्तिजनक पोस्ट किया था, तो भाजपा कार्यकर्ताओं को उन्हें गुमराह करने और फिर जबरन साड़ी पहनाने के बजाय पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी। यह घटना अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सीधा हमला है।
पोटे ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक अक्सर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करते हैं, लेकिन कांग्रेस ने कभी वैसा व्यवहार नहीं किया। उन्होंने कहा, "हम यह मांग करते हैं कि पुलिस इस घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ उचित कदम उठाए।"