जीरो बड़ा है या 18...बजट पहले या US डील? अखिलेश यादव ने मोदी सरकार से पूछे तीखे सवाल, बजट पर बहस बढ़ाएगी बवाल?

Parliament Budget Session: लोकसभा में बजट पर हो रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोला।
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अखिलेश यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Akhilesh Yadav in Parliament: लोकसभा में बजट पर हो रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हाल ही में पेश किए गए बजट में विजन की कमी है। यादव ने बजट की टाइमिंग और यूएस के साथ ट्रेड डील की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ डील नहीं, बल्कि ढील हुई है।

सपा मुखिया ने मजाकिया अंदाज में मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जीरो बड़ा है या 18? बजट पहले बना या डील पहले हुई? और अगर ऐसा ही होना था, तो 11 महीने इंतजार क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि बजट से पहले और बाद में यूएस के साथ डील को लेकर पूरे देश में हंगामा हुआ।

'डील के बाद रुपया कहां जाएगा?'

भाजपा ने दावा किया कि उसने दुनिया भर के कई देशों के साथ फ्री ट्रेड डील साइन की हैं। वह जानना चाहते हैं कि कितने देश ऐसे बचे हैं जिनके साथ वह फ्री ट्रेड डील साइन नहीं कर पाई है। अखिलेश ने कहा कि कुछ लोग रुपये की वैल्यू पर सवाल उठाते थे। इस डील के बाद रुपया कहां जाएगा?

केंद्रीय बजट की तीखी आलोचना

अखिलेश यादव ने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि इसमें गरीबों, पिछड़ों और दलितों के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि हम इतना बजट दे रहे हैं, लेकिन हमारी पर कैपिटा इनकम नहीं बढ़ रही है। बजट में उत्तर प्रदेश की अनदेखी की ओर इशारा करते हुए यादव ने कहा कि इस बजट में उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के लिए कोई खास प्लान नहीं है।

बजट में UP की अनदेखी: अखिलेश

अखिलेश यादव ने कहा कि बजट में कोई ऐसा प्रावधान नहीं है जो उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ लोगों को मेनस्ट्रीम से जोड़ सके, जबकि यहां डबल इंजन की सरकार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से आते हैं, लेकिन वहां भारत सरकार के बजट से कोई एक्सप्रेसवे नहीं बना है। जो बने भी हैं, वे उस क्वालिटी के नहीं हैं जो एक डेवलप्ड इंडिया में होने चाहिए।"

भ्रष्टाचार पर बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि सवाल उठाने वालों को यह देखना चाहिए कि अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर एक्सप्रेसवे बन रहा था, लेकिन बनने के साथ-साथ ही उसका नाम बदल दिया गया। पहले चंबल और फिर अटल जी...अखिलेश ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि यह सिर्फ कागजों पर बन रहा है।

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