

General MM Naravane: पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के मेमोयर ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जनरल नरवणे ने अपने एक्स हैंडल पर पेंगुइन इंडिया का बयान शेयर करते हुए कहा कि उनकी किताब का स्टेटस वही है जो पेंगुइन इंडिया ने बताया है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि उनके पास जनरल नरवणे की ऑटोबायोग्राफी के पब्लिशिंग राइट्स हैं, लेकिन किताब अभी तक पब्लिश नहीं हुई है। पब्लिशर ने साफ किया कि न तो प्रिंट, न डिजिटल और न ही किसी अन्य फॉर्मेट में कोई कॉपी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई गई है।
पेंगुइन ने चेतावनी दी कि यदि किसी प्लेटफॉर्म पर किताब की कोई भी कॉपी ऑनलाइन या ऑफलाइन सर्कुलेट हो रही है, तो यह कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। पेंगुइन के इसी पोस्ट को कोट करते हुए जनरल नरवणे ने स्पष्ट किया कि किताब अभी तक पब्लिश नहीं हुई है और सभी जानकारी पब्लिशर द्वारा ही दी गई है।
पेंगुइन इंडिया ने यह भी स्पष्ट किया कि किताब के गैर-कानूनी सर्कुलेशन के खिलाफ सभी कानूनी उपाय किए जाएंगे। यह बयान पब्लिशर की स्थिति स्पष्ट करने के लिए जारी किया गया। पेंगुइन ने कहा कि किसी भी प्रिंट या डिजिटल कॉपी का शेयर करना कानूनी अपराध है और इसे रोकना जरूरी है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किताब की एक कॉपी लेकर लोकसभा में चीन के साथ डोकलाम विवाद पर बीजेपी को घेरने की कोशिश की थी। BJP नेताओं उनके दावे को खारिज किया और कहा कि किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है। इसलिए इस पर चर्चा नहीं हो सकती। जिसके बाद संसद में जमकर हंगामा हुआ था।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की है। पुलिस को सूचना मिली कि किताब की PDF कॉपी बिना अनुमति के सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइट पर साझा की जा रही थी। चूंकि जनरल नरवणे पूर्व आर्मी चीफ हैं, उनकी मैन्युस्क्रिप्ट को रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिलनी आवश्यक है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल यह जांच कर रही है कि यह डेटा लीक है या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन।