मुंबई में बीजेपी और ठाकरे गुट में टकराव, ताज लैंड्स एंड होटल के बाहर पुलिस से भिड़े अनिल परब

BJP Thackeray Faction Clash: मुंबई में बीजेपी और ठाकरे गुट के बीच ताज लैंड्स एंड होटल के बाहर बड़ा प्रदर्शन हुआ। इस दौरान अनिल परब आक्रामक दिखाई दिए। जिसके बाद पुलिस तैनात की गई।
मुंबई में बीजेपी और ठाकरे गुट का टकराव
मुंबई में बीजेपी और ठाकरे गुट का टकराव (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Political Protest Mumbai: मुंबई में बीजेपी और ठाकरे गुट के बीच बड़ा टकराव देखने को मिल रहा है। ठाकरे गुट के कार्यकर्ता ताज लैंड्स एंड होटल के बाहर आक्रामक प्रदर्शन कर रहे हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता अनिल परब भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए हैं और काफी आक्रामक दिखाई दे रहे हैं।

बीजेपी और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बीच मजदूर संघ को लेकर विवाद गहरा गया है। इसी विवाद के चलते ठाकरे गुट का संगठन ताज लैंड्स एंड होटल के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शन में अनिल परब स्वयं शामिल हुए हैं और काफी तीखा रुख अपनाए हुए हैं।

मुंबई में बीजेपी-ठाकरे गुट के बीच बड़ी झड़प

ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़े ‘भारतीय कामगार सेना’ के कार्यकर्ताओं को बरगला कर बीजेपी समर्थित मजदूर संघ में शामिल किया जा रहा है। इसी विरोध में आज उनका प्रदर्शन हुआ, जिसमें जोरदार नारेबाजी भी की गई।

होटल का गेट बंद, पुलिस तैनात

विरोध प्रदर्शन को देखते हुए होटल प्रबंधन ने होटल का गेट बंद कर दिया है। मुंबई पुलिस भी मौके पर पहुंची और हालात संभालने की कोशिश की। ठाकरे गुट की ओर से अनिल परब और अन्य पदाधिकारी बातचीत के लिए होटल में प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसी पर अनिल परब आक्रामक हो गए और पुलिस से तीखे सवाल पूछते दिखाई दिए।

अनिल परब ने प्रबंधन पर उठाए गंभीर सवाल

अनिल परब ने कहा, “ये लोग अंदर घुस आए और मजदूरों के हस्ताक्षर जबरदस्ती ले लिए। उन्होंने हमारे झंडे को हटाने की भी कोशिश की। मैं प्रबंधन से पूछना चाहता हूँ-जब हमें झंडा फहराने की अनुमति नहीं दी जाती, तो इन्हें कैसे जगह दी गई? क्या सिर्फ इसलिए कि वे सत्ता में हैं?”

उन्होंने आगे कहा, “हमारा संघ वर्षों से यहाँ काम कर रहा है। पर सत्ता में बैठे लोगों को अलग न्याय मिलता है और हमें अलग। मैं अंदर जाकर जवाब लूंगा। अगर मुझे अंदर नहीं जाने दिया तो मैं सबको बाहर बुलाऊँगा। फैसला यहीं सड़क पर होगा।”

प्रतिनिधिमंडल भेजने के प्रस्ताव पर भी परब का विरोध

मुंबई पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को अंदर भेजने का सुझाव दिया, लेकिन अनिल परब ने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने कहा, “मैं कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं हूँ। मैं कम से कम 25 लोगों को अपने साथ अंदर ले जाऊँगा। वरना जिन लोगों ने कल अंदर जाकर हस्ताक्षर लिए थे, उन्हें बाहर बुलाया जाए। कल उन्हें किसी ने नहीं रोका, क्योंकि वे सत्ता में हैं। फिर हमें रोकने का क्या औचित्य है?” अंत में परब ने पुलिस से पूछा, “जब वे लोग कल अंदर गए थे, तब उनसे कोई सवाल क्यों नहीं किया? आज गेट किसने बंद किया है? रास्ता किसने रोका है?”

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