Punjab Politics: पंजाब फतह के लिए भाजपा ने चला 'नायाब' दांव, 31 फीसदी ओबीसी और 'सिख कनेक्शन' से पलटेगी बाजी?

Punjab Politics: पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की तैयारियों की एक खास बात यह है कि वह हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी को लगातार पंजाब में तैनात कर रही है। इसके पीछे की भाजपा की रणनीति को समझते हैं...
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नायब सिंह सैनी (डिजाइन फोटो)
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Nayab Singh Saini: नवंबर 2024 में लगातार तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने के बाद भाजपा की नजर अब अपने पड़ोसी राज्य पंजाब पर है। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं और पार्टी वहां खुद को एक बड़ी राजनीतिक ताकत के तौर पर स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की तैयारियों की एक खास बात यह है कि भाजपा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को लगातार पंजाब में तैनात कर रही है। आइए नायब सिंह सैनी को पंजाब की राजनीति में सक्रिय करने के पीछे भाजपा की रणनीति को समझते हैं...

हरियाणा फतह में सैनी का 'नायाब' रोल

पिछले हरियाणा विधानसभा चुनाव में जब चुनावी लड़ाई भाजपा के लिए बेहद मुश्किल मानी जा रही थी, तब भी पार्टी ने वहां सरकार बनाई थी। माना जा रहा था कि इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का अहम रोल था। इससे भाजपा की सेंट्रल लीडरशिप का सैनी पर भरोसा बढ़ा है।

ताबड़तोड़ पंजाब दौरा क्यों कर रहे सैनी?

पगड़ी पहनकर नायब सिंह सैनी पंजाब में कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं और लोगों तक पहुंचने के लिए पंजाबी और हरियाणवी का मिक्स इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में सैनी पंजाब के कई गांवों और कस्बों का दौरा कर चुके हैं, मंदिरों और गुरुद्वारों में जा चुके हैं। अब तक वे गुरुद्वारा हरमंदिर साहिब, गुरुद्वारा आनंदपुर साहिब, माछीवाड़ा में गुरुद्वारा चरण कंवल साहिब और गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब जा चुके हैं।

आखिर कैसे हैं हरियाणा-पंजाब के रिश्ते?

पंजाब और हरियाणा का बॉर्डर लंबा है। दोनों राज्यों के बीच शादी, पारिवारिक रिश्ते, व्यापार और राजनीति के जरिए मजबूत संबंध हैं। हालांकि, पानी के बंटवारे और परमानेंट राजधानी जैसे मुद्दों पर उनके बीच अनबन भी है। इसकी सबसे बड़ी वजह दोनों राज्यों में अलग-अलग पार्टियों की सरकार भी हो सकती है।

हाईकमान ने सैनी को दिया नायाब मंत्र!

पिछले साल जुलाई में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संगरूर जिले के सुनाम गए थे। यह दौरा अहम था क्योंकि सुनाम शहीद उधम सिंह का जन्मस्थान है। जिसके जरिए भाजपा पब्लिक सेंटिमेंट्स से जुड़ने की कोशिश कर रही है। कहा तो जाता है कि भाजपा की सेंट्रल लीडरशिप ने सैनी से ज्यादा से ज्यादा पंजाब दौरा करने को कहा है।

पंजाब को बताया हरियाणा का 'बड़ा भाई'

पंजाब में अपने कार्यक्रमों के दौरान सैनी ने आम आदमी पार्टी सरकार और उसके मुख्यमंत्री भगवंत मान के काम की आलोचना की है। सैनी ने पंजाब को हरियाणा का 'बड़ा भाई' बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सिर्फ पड़ोसी राज्य नहीं है, बल्कि हरियाणा के साथ खून का रिश्ता भी है। सैनी का कहना है कि अगर पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है तो लोगों से किए गए वादे पूरे किए जाएंगे।

पंजाब: सोशल इंजीनियरिंग में जुटी बीजेपी

नायब सिंह सैनी OBC कम्युनिटी से हैं। पंजाब की पॉलिटिक्स में OBC एक ताकतवर कम्युनिटी है, जो पंजाब की आबादी का लगभग 31% है। यह भी ध्यान रखना ज़रूरी है कि नायब सिंह सैनी की मां कुलवंत कौर सिख कम्युनिटी से हैं। सैनी माघी मेलों में शामिल हुए जो पंजाब में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। भाजपा इनका इस्तेमाल राज्य में अपनी पॉलिटिकल जड़ें मजबूत करने के लिए कर रही है।

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पंजाब में बीजेपी का 'सैनी' दांव (इन्फोग्राफिक-AI)

भाजपा पंजाब में पॉलिटिकल चमत्कार की उम्मीद कर रही है क्योंकि पिछले लोकसभा चुनावों में उसका वोट शेयर बढ़ा था। 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को पंजाब में 9.63% वोट मिले थे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा लगभग दोगुना होकर 18.56% हो गया।

डेरा सचखंड बल्लान पहुंचे थे PM नरेंद्र मोदी

भाजपा सोशल इंजीनियरिंग के जरिए पंजाब में समाज के दूसरे हिस्सों पर भी ध्यान दे रही है। इसका जीता जागता उदाहरण कुछ दिन पहले ही देखने को मिला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जालंधर में डेरा सचखंड बल्लान का दौरा किया। डेरा सचखंड बल्लान पंजाब में दलित समुदाय रविदासिया समुदाय का एक बड़ा धार्मिक केंद्र है।

आप विधायक ने सैनी पर लगाया बड़ा आरोप

हाल ही में नायब सिंह सैनी को लेकर एक विवाद तब खड़ा हुआ जब पंजाब की आम आदमी पार्टी की विधायक नरिंदर कौर भारज ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें भाजपा में शामिल होने और टिकट देने के लिए कहा था। हालांकि सैनी ने इन आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया, लेकिन इससे पता चलता है कि सैनी पंजाब में भाजपा का राजनीतिक आधार बनाने के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रहे हैं।

पंजाब में कैसे BJP को बढ़त दिलाएंगे सैनी?

सैनी समुदाय के सदस्य सिख समुदाय में भी हैं। पंजाब में ऐसे सैनी बहुल इलाकों में डेरा बस्सी, राजपुरा और पटियाला ग्रामीण शामिल हैं। भाजपा की खास तौर पर हरियाणा की सीमा से लगे पंजाब के जिलों पर नज़र है। भाजपा को वहां कुछ राजनीतिक फायदा मिलने की उम्मीद है, और सैनी के रूप में उसे एक बड़ा चेहरा मिल गया है।

पंजाब में क्यों मुश्किल में फंसी हुई है भाजपा?

पंजाब में भाजपा की मुश्किलों की बात करें तो राज्य में उसके पास एक मजबूत सहयोगी की कमी है। लंबे समय तक भाजपा और शिरोमणि अकाली दल पंजाब में गठबंधन में थे। कृषि कानूनों को लेकर दोनों पार्टियां अलग हो गईं। जिससे वह अकेली पड़ गई।

पिछले कुछ महीनों में भाजपा और अकाली दल के अंदर फिर से एक होने की मांग उठ रही है, लेकिन मौजूदा हालात में ऐसा होना मुश्किल लग रहा है। सीधी सी बात यह है कि अगर भाजपा पंजाब में अपना पॉलिटिकल बेस मजबूत करना चाहती है तो उसे सोशल इंजीनियरिंग और इनोवेशन के साथ एक्सपेरिमेंट करने होंगे।

पंजाब में कामयाब होगा BJP का सैनी दांव?

भाजपा पंजाब में सैनी को इसलिए प्रोजेक्ट कर रही है क्योंकि ऐसा करने से न सिर्फ OBC वोट, नॉन-जाट सिख और हिंदू वोट मिलेंगे, बल्कि हरियाणा की सीमा से लगे जिलों में भी उसे फायदा होगा। हालांकि यह फायदा कितना बड़ा होगा और सैनी पंजाब में भाजपा की जड़ें कितनी मजबूत कर पाएंगे इसका जवाब तो अगले चुनावी साल में ही मिल सकेगा।

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