जम्मू-कश्मीर में चुनाव तो महाराष्ट्र में क्यों नहीं? उद्धव गुट का पीएम मोदी पर हमला

महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव दिवाली के बाद कराए जाने की अटकलें सही साबित होने लगी हैं। तो वहीं चुनाव आयोग के निर्णय से शिवसेना (उद्धव गुट) में नाराजगी देखने को मिली। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के प्रवक्ता संजय राउत ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि चार राज्यों का चुनाव एक साथ नहीं करा सकते और वन नेशन वन इलेक्शन की बात करते हैं।
Uddhav Thackeray Faction Attacks Narendra Modi
नरेंद्र मोदी और उद्धव ठाकरे (फोटो सौजन्य- सोशल मीडिया)
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मुंबई. चुनाव आयोग ने आगामी कुछ महीनों में प्रस्तावित चार राज्यों के विधानसभा चुनावों को दो चरणों में कराने का निर्णय लिया है। लेकिन चुनाव आयोग ने सुरक्षा इंतजाम की दुहाई देते हुए फिलहाल महाराष्ट्र एवं झारखंड के चुनाव कुछ दिनों बाद कराने का आश्वासन दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शुक्रवार को पहले चरण में जम्मू-कश्मीर व हरियाणा के लिए चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की। इससे महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव दिवाली के बाद कराए जाने की अटकलें सहित साबित होने लगी हैं। तो वहीं चुनाव आयोग के निर्णय से शिवसेना (उद्धव गुट) में नाराजगी देखने को मिली। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के प्रवक्ता संजय राउत ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि चार राज्यों का चुनाव एक साथ नहीं करा सकते और वन नेशन वन इलेक्शन की बात करते हैं।

संजय राउत ने कहा कि 'हमारे प्रधानमंत्री 15 अगस्त को लाल किले से वन नेशन वन इलेक्शन की बात करते थे लेकिन चार राज्यों का इलेक्शन एक साथ नहीं करा सकते हैं। यह लोग कभी त्यौहार तो कभी हवा ठीक नहीं होने या बारिश का बहाना बनाते हैं। आप चार राज्यों (महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा और जम्मू कश्मीर के इलेक्शन एक साथ नहीं ले सकते हो, यही आपकी ताकत है? आप झूठ बोलते हो। महायुति के लोग हारने वाले हैं। इसलिए महाराष्ट्र और झारखंड के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया। इसी तरह यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे और अंबादास दानवे ने भी केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला।

गृह मंत्री क्या कर रहे हैं

महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने कहा, "इससे साबित होता है कि महाराष्ट्र की तथाकथित ट्रिपल इंजन सरकार विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा मुहैया कराने में विफल रही है। ये महज कारण हैं। असल कारण यह है कि सत्ताधारी दलों को अनुकूल माहौल नहीं मिल पा रहा है! महाराष्ट्र देश के अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण रहा है। अगर यही स्थिति है तो महाराष्ट्र की छवि भी खराब हुई है। सवाल यह भी उठता है कि देवेंद्र फडणवीस गृह मंत्री के तौर पर दो साल से क्या कर रहे हैं?"

महाराष्ट्र से सौतेला व्यवहार क्यों

आदित्य ठाकरे ने कहा, "अन्य राज्यों में चुनाव हो सकते हैं तो चुनाव आयोग का महाराष्ट्र के साथ सौतेला व्यवहार क्यों? महाराष्ट्र को लूटना जारी रखने की मंशा से? महाराष्ट्र से द्वेष क्यों? चुनाव कराने वाले राज्यों की सूची में महाराष्ट्र क्यों नहीं?"

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