गठबंधनों पर नए मोर्चे का प्रेशर गेम! राज ठाकरे से मिले कपिल पाटिल, जरांगे के पास पहुंचा केजरीवाल का 'दूत'

जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान के साथ भले ही यह तय माना जा रहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव दिवाली बाद ही होंगे। लेकिन इससे महाराष्ट्र में राजनीतिक घमासान शांत होने के बजाय और तेज होता प्रतीत हो रहा है। राज्य के दो प्रमुख सियासी गठबंधनों में शामिल छोटी पार्टियों ने मोर्चां का प्रेशर गेम खेलना शुरू कर दिया है।
Kapil Patil Meets Raj Thackeray, Maharashtra Assembly Elections 2024
कपिल पाटिल और राज ठाकरे (फोटो: फेसबुक/पीटीआई)
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मुंबई. जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान के साथ भले ही यह तय माना जा रहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव दिवाली बाद ही होंगे। लेकिन इससे महाराष्ट्र में राजनीतिक घमासान शांत होने के बजाय और तेज होता प्रतीत हो रहा है। राज्य के दो प्रमुख सियासी गठबंधनों में शामिल छोटी पार्टियों ने मोर्चां का प्रेशर गेम खेलना शुरू कर दिया है। इसकी झलक शनिवार को कपिल पाटिल की राज ठाकरे और केजरीवाल के 'दूत' की मनोज जरांगे पाटिल से मुलाकात के रूप में देखने को मिली।

महाराष्ट्र की बीजेपी नीत 'महायुति' और कांग्रेस नीत 'महाविकास अघाड़ी' (एमवीए) में वैसे तो दर्जनभर से ज्यादा छोटी-बड़ी सियासी पार्टियां और दूसरे संगठन शामिल हैं। लेकिन महायुति में पूछ सिर्फ बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और राकां (अजीत पवार) की होती है तो वहीं 'एमवीए' में सिर्फ कांग्रेस, शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उद्धव गुट) एवं राकां शरदचंद्र पवार की ही होती है। ऐसा लोकसभा चुनाव के दौरान देखने को मिला था। यही हाल अब विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे के मामले में भी यही देखने को मिल रहा है।

महाराष्ट्र में सिर्फ 288 विधानसभा चुनाव क्षेत्र हैं, जबकि विधानसभा में महायुति में बीजेपी 150, शिवसेना (शिंदे गुट) 90 और राकां (अजीत पवार) 90 सीटों पर अपने प्रत्याशी लड़ाने का दम भर रहा है। अर्थात गठबंधन में शामिल छोटे दलों की कोई पूछ ही नहीं है। यही हाल एमवीए का भी है। नतीजतन लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी को बिना शर्त समर्थन का ऐलान करनेवाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने पहले ही अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था। ऐसा माना जा रहा है कि राज ने गिड़गिड़ाने के बजाय महायुति के प्रमुख नेताओं पर दबाव बनाने के लिए अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। तो वहीं शिवसेना में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत के बाद महाविकास आघाड़ी छोड़कर शिंदे को समर्थन देनेवाले प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख बच्चू भी मनोज जरांगे पाटिल और राकां (अजीत पवार), प्रकाश आंबेडकर की 'वंचित बहुजन आघाडी' के साथ मिलकर अलग मोर्चा बनाने के संकेत दे चुके हैं।

गेम में शामिल हुए केजरीवाल व पाटिल

अब गठबंधनों पर तीसरे मोर्चे के प्रेशर गेम में विधान परिषद सदस्य कपिल पाटिल की समाजवादी गणराज्य पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की 'आम आदमी पार्टी (आप) भी शामिल हो गई है। अब तक एमवीए में शामिल रहे कपिल पाटिल ने शनिवार को राज ठाकरे से मुलाकात करके सभी को सकते में डाल दिया। इसी तरह अरविंद केजरीवाल का संदेश लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अजीत पाटके पाटिल और उनके पदाधिकारी शनिवार को अंतरवाली सराटी पहुंचे। वहां उन्होंने मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल और उनकी टीम से मिले तथा उनके बीच विधानसभा को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई है।

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