
संभाजीनगर में जल संकट (सौ. सोशल मीडिया )
Jalna News In Hindi: शहर से सटे सामनगांव स्थित गैबनशहा वाड़ी में जल जीवन मिशन के नाम पर हुआ काम अब ग्रामीणों के लिए आशा नहीं, बल्कि हताशा का कारण बन गया है।
जिस जलकुंभ को गांव की जीवन रेखा बताया गया था व 1 करोड़, 20 लाख रुपए खर्च करने के बावजूद आज भी गांव के नल सूखे पड़े हैं। तीन साल से अधिक समय तक चली उक्त परियोजना महज शोपीस बन रह गई है व नागरिकों की पेयजल की समस्या खत्म नहीं होने से उनमें नाराजगी व्याप्त है।
बिना कॉलम के समतल जमीन पर ही टेकड़ी पर टंकी बनाई गई है। ऊंचाई की कमी के चलते पानी का दबाव गांव तक पहुंच ही नहीं पा रहा है। पाइप का डायमीटर भी इतना छोटा है कि टंकी से मात्र 200 मीटर दूरी पर स्थित घरों तक भी पानी नहीं पहुंच रहा, सप्ताह भर पहले पाइपलाइन में पानी छोड़ा गया, पर किसी भी घर के नल में एक बूंद पानी तक नहीं आने से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
ग्रामीणों ने इंजीनियर, ठेकेदार स्थानीय प्रशासन पर गंभीर मिलीभगत व भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है। उनका कहना है कि सरकारी पैसा भी पानी में बहाकर जनता को भी प्यासा छोड़ा गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि टंकी निर्माण व पाइपलाइन बिछाने का काम टेंडर व इस्टिमेट के अनुसार नहीं किया गया, पाइपलाइन घटिया व हल्की है।
कई जगहों से पाइप फट चुके हैं व वितरण नेटवर्क अधूरा छोड़ा गया है। कई घरों को अब तक नल कनेक्शन तक नहीं दिया गया है, है, गांव के निवासी मौलाना मुनीब कहगी ने कहा कि टंकी बनते देख में तीन वर्ष से उम्मीद कर रहे थे कि उनके गांव में पानी आएगा।
ग्रामीणों ने बार-बार कहा था कि इसे समतत जमीन पर मत बनाओ, कॉलम खड़ा कर ऊंचाई दी जाए, पर किसी ने नहीं सुनी। 1।20 करोड़ खर्च होने के बाद भी हमारे घरों में पानी की एक बूद नहीं है। अब सब का बांध टूट रहा है।
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