
गोंदिया न्यूज
Maharashtra Education System: सालेकसा ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद, सालेकसा और आमगांव खुर्द इलाकों के कुल 7 प्राथमिक स्कूलों और 14 आंगनवाड़ियों को जिप की ओर से से भौतिक सुविधाओं के लिए जरूरी सामग्री और अनुदान मिलना बंद हो गया।
ग्रापं से मदद बंद होने और नपं से कोई अनुदान न मिलने से प्राथमिक स्कूलों और आंगनवाड़ियों की हालत और खराब हो गई है। इसलिए यह सवाल उठ रहा है कि 21 स्कूलों और 14 आंगनवाड़ियों का रखवाला कौन है। सालेकसा नपं में शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाके भी शामिल हैं। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को नपं से मुलभूत सुविधाएं नहीं मिली है।
हालांकि इस इलाके में स्कूल और आंगनवाड़ियां हैं, लेकिन अभी उन पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नपं इलाके में 14 आंगनवाड़ियां और 7 जिप स्कूल हैं। इन स्कूलों को जिप या पंचायत समिति की तरफ से विकास के काम या सुविधाएं और दूसरी सुविधाएं दी जाती हैं। लेकिन, क्योंकि ये नपं एरिया में आते हैं, इसलिए इन स्कूलों को इन सुविधाओं से दूर रहना पड़ता है।
इस बारे में जिप और पंस से पूछें जाने पर उनका कहना है कि वे नपं एरिया में आते हैं। अगर हम नगर पंचायत प्रशासन से बात करते हैं, तो वे कहते हैं कि कुछ नहीं किया जा सकता क्योंकि जिप ने ये स्कूल और आंगनवाड़ी हमें नहीं दिए हैं। लेकिन, इस झगड़े में विद्यार्थियों को पढ़ाई की सुविधाएं पाने से दूर रहना पड़ता है। नपं प्रशासक की तरफ से नपं एरिया के लोगों से कई तरह के टैक्स लिए जाते हैं। इसमें शिक्षा टैक्स भी शामिल है। लेकिन, पढ़ाई की सुविधाएं नहीं दी जातीं। तो फिर शिक्षा टैक्स क्या है? यह सवाल किया जा रहा है।
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– मराठी वरिष्ठ प्राथमिक केंद्र स्कूल खुर्द
– हिंदी वरिष्ठ प्राथमिक स्कूल सालेकसा
– वरिष्ठ प्राथमिक स्कूल हलबीटोला
– वरिष्ठ प्राथमिक स्कूल जांभली
– वरिष्ठ प्राथमिक स्कूल बाकलसर्रा
– प्राथमिक स्कूल मुरुमटोला
– प्राथमिक स्कूल सालेकसा
– 14 आंगनवाड़ी भी शामिल






