नागपुर में बड़ा खुलासा! वोटर लिस्ट में मिले 5000 ‘डुप्लीकेट’ नाम, मचा बवाल, अब लेना होगा गारंटी पत्र

Nagpur Double Voters Issue: नागपुर नप-नपं चुनाव में 5,000 से अधिक वोटरों के डबल नाम मिले। आयोग ने ऐसे मतदाताओं से एक ही केंद्र में वोट करने का गारंटी पत्र लेने का आदेश दिया है।
Nagpur Double Voters Issue: नागपुर नप-नपं चुनाव में 5,000 से अधिक वोटरों के डबल नाम मिले। आयोग ने ऐसे मतदाताओं से एक ही केंद्र में वोट करने का गारंटी पत्र लेने का आदेश दिया है।
वोटर लिस्ट (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Nagpur Voter Fraud Complaints: दिसंबर महीने की 2 तारीख को जिले की 27 नगर परिषद व नगर पंचायत के लिए मतदान होने वाला है। वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी होने की शिकायतें हैं। हजारों मतदाताओं के नाम सूची में दो-दो बार होने की शिकायतों के साथ ही वोट चोरी के आरोप भी हो रहे हैं।

जानकारी मिली है कि 27 नगर परिषद व नगर पंचायत के लिए जारी की गई मतदाता सूची में 5,000 से अधिक ऐसे नाम हैं जो डबल हैं। यह जानकारी नगर प्रशासन के मुख्य अधिकारी विनोद जाधव ने दी। राज्य चुनाव आयोग ने जिन वोटर्स के डबल नाम हैं उनका पता लगाकर उनसे एक ही जगह पर वोटिंग करने का गारंटी पत्र लेने का आदेश दिया है।

इस मतदाता सूची का उपयोग

आदेशानुसार गारंटी पत्र लिए जाएंगे। इस चुनाव के लिए 1 जुलाई 2025 की मतदाता सूची का उपयोग किया जा रहा है। इस सूची में जिनके नाम होंगे वही वोटिंग कर पाएंगे। जानकारी के अनुसार राज्य चुनाव आयोग ने केन्द्रीय चुनाव आयोग की सूची सीधे संबंधित स्थानीय चुनाव प्राधिकरण को भेजी है।

एक ही पते पर अनेक नाम

बताते चलें कि विधानसभा चुनाव के बाद से ही जिले के कामठी, हिंगना सहित अनेक क्षेत्रों से मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी की शिकायतें की गई हैं। एक ही पते पर पचासों नाम होने की शिकायतें की गई हैं। डबल नाम वालों की संख्या तो हजारों में है। हालांकि डबल वोटिंग या किसी भी तरह की बोगस वोटिंग को रोकने के लिए आयोग ने अनेक उपाययोजना व दिशानिर्देश जारी किये हैं। नप व नपं चुनावों की वोटिंग में डबल नाम वाले वोटर्स से कैसे गारंटी पत्र लिया जाएगा यह देखने वाली बात होगी।

मनपा चुनाव की सूची में 45,000 से अधिक डबल

यह भी बताते चलें कि आगामी मनपा चुनाव के लिए जो वोटर लिस्ट जारी की गई है उसमें लगभग 45,000 से अधिक मतदाताओं के डबल नाम हैं। इस संदर्भ में अनेक शिकायतें की जा रही हैं। चुनाव आयोग ने घर-घर जाकर डबल नाम वालों की पहचान करने के लिए 10 दिन दिए हैं। व्यावहारिक रूप से ऐसा करना जोनल कार्यालयों के कर्मचारियों के लिए असंभव बताया जा रहा है।

मतदान केन्द्रनिहाय सूची 22 दिसंबर को जारी की जाएगी जो पहले 12 दिसंबर को की जानी थी। इसमें कितना सुधार हो पाता है यह भी देखने वाली बात होगी, अन्यथा ऐसे मतदाताओं से भी एक ही मतदान केन्द्र में मत डालने का एफिडेविट लेने की प्रक्रिया की जाएगी।

सॉफ्टवेयर की अपनी ‘सीमा’

चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर में एक से अधिक बार समान नाम वालों की पहचान की गई है। सूची में ऐसे नामों के सामने 2 स्टार लगाया जाएगा। ऐसे व्यक्ति का मतदान होने के बाद अन्य मतदान केन्द्र में मतदान नहीं करेगा, इस आशय का एफिडेविड लिखकर लिया जाएगा। आयोग के सॉफ्टवेयर में संपूर्ण नाम ‘समान’ हुआ तो डबल मतदाता की वह पहचान कर सकता है लेकिन एक ही नाम या सरनेम के स्पेलिंग में एक अक्षर भी अलग हुआ तो सॉफ्टवेयर उसे अलग-अलग मतदाता ही बताएगा।

मनपा चुनाव वोटिंग लिस्ट में ‘वानखेड़े’ नाम की स्पेलिंग डब्ल्यू से तो कहीं ‘वी’ से शुरू है। ऐसे में सॉफ्टवेयर इस तरह की गलती नहीं पकड़ पाएगा। मतलब अगर डबल नाम वाले वोटर्स के नाम व सरनेम की स्पेलिंग में एक भी अक्षर अलग हुआ तो यह गलती सॉफ्टवेयर नहीं पकड़ पाएगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com