गोरेगांव: नागझिरा वन्यजीव अभयारण्य का मुरदोली गेट वर्षों से बंद, पर्यटन और रोजगार पर गहरा असर

Gondia News: गोंदिया-कोहमारा मार्ग पर स्थित नागझिरा अभयारण्य के मुरदोली गेट पर रेलवे फाटक न होने से सुरक्षा कारणों से वर्षों से ताला है, जिससे स्थानीय पर्यटन व रोजगार प्रभावित हैं।
The Murdoli gate of Nagzira Sanctuary remains closed due to the lack of a railway crossing gate. This has hit local tourism and employment, leaving residents disappointed despite political assurances.
गोरेगांव नागझिरा अभयारण्य गोंदिया (फोटो-सोशल मीडिया)
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Gondia Bhandara Tourism: गोरेगांव में नागझिरा अभयारण्य गोंदिया व भंडारा यह दोनों जिलों में फैला हुआ है। पर्यटकों के आवागमन व सुविधाओं के उद्देश्य से पहले यहां 4 प्रवेश द्वार हुआ करते थे जिसमें पीटेझरी प्रवेश द्वार, मंगेझरी प्रवेश द्वार, चोरखमारा प्रवेश द्वार व मुरदोली प्रवेश द्वार शामिल हैं। लेकिन मुरदोली प्रवेश द्वार के बंद होने से अब नागझिरा प्रवेश द्वार में केवल 3 ही रह गए हैं।

जानकारी के अनुसार मुरदोली नागझिरा अभयारण्य प्रवेश द्वार गोंदिया कोहमारा मार्ग पर स्थित है जो पिछले कई सालों से बंद है। अब देखरेख के अभाव से प्रवेश द्वार की हालत खस्ता हो चुकी है। मुरदोली नागझिरा अभयारण्य प्रवेश द्वार से मेन नागझिरा संकुल की दूरी लगभग 15 से 20 किमी। पर है लेकिन मार्ग के बीच में गोंदिया से बल्लारशाह की ओर जाने वाली रेलवे लाइन गुजरती है जो इस प्रवेश द्वार के बंद होने का मुख्य कारण है। इस रेलवे लाइन पर किसी प्रकार की रेलवे गेट नहीं दी गई है ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा पर सवालियां निशान लगा हुआ है जिससे वर्षों से मुरदोली प्रवेश द्वार बंद है।

परिसर में विविध जातियों के वन्य प्राणी देखे जाते हैं

इस वन परिसर में विविध जातियों के वन्य प्राणी हमेशा देखे जाते हैं। जिसमें बाघ, तेंदुआ, चीतल सांभर, नीलगाय, जंगली भैसे, जंगली सूअर जैसे वन्य प्राणी शामिल हैं लेकिन इनकी देखरेख पर लगातार अनदेखी हो रही है। साथ ही क्षेत्रवासियों के साथ-साथ इस प्रवेश द्वार से शासन को भी आवक प्राप्त हो रही थी। किसी जमाने में राष्ट्रीय महामार्ग पर प्रवेश द्वार के होने से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में यहां पर्यटकों का जमावड़ा रहता था, जिससे सरकार को अच्छा राजस्व प्राप्त हो रहा था।

साथ ही क्षेत्रवासियों को यहां से रोजगार भी मिल रहा था। ऐसे अनेक दुष्परिणाम गेट बंद होने से सामने आ रहे है। यह विषय रेलवे विभाग द्वारा चौकी देने के बाद ही पूरा हो पाएगा जो कि वाइल्ड लाइफ वन विभाग की मांग पर निर्भर है। नागभीड़ रेलवे के एक प्रवक्ता के अनुसार कर्मचारियों की कमी से रेलवे विभाग द्वारा क्रॉसिंग पर चौकी देना बंद है। जिससे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन हर जगह पर ओवर ब्रिज देना मुमकिन नहीं है। ऐसे में यह विषय ठंडे बस्ते में ही दिखाई दे रहा है। मुरदोली प्रवेश द्वार दोबारा शुरू होना नागरिकों का सपना सपना ही रह जाएगा।

मंत्रियों से मिला अब तक केवल आश्वासन

मुरदोली प्रवेश द्वार से आस-पास के अनेक ग्राम वासियों को रोजगार प्राप्त हो रहा था जिसमें पान टपरी, गाइड, होटल, चाय दुकान, और रिसोर्ट के रूप में नागरिकों के लिए रोजगारी का साधन था लेकिन यह बंद होने से सैकड़ों नागरिकों की रोजगारी चली गई है। ऐसे में यह विषय अनेकों बार स्थानीय विधायक, सांसद व क्षेत्र के पालक मंत्री के समक्ष रखा गया था।

जिसमें पूर्व पालक मंत्री राजकुमार बडोले ने स्वयं यह विषय वाइल्ड लाइफ वन विभाग के समक्ष रखा था, साथ ही नागपुर रेलवे विभाग के अधिकारियों से इस विषय पर बात की गई थी लेकिन दोनों विभागों की ओर से यह विषय ठंडे बस्ते में डालने का काम किया जा रहा है। यहां मंत्रियों के बयान केवल आश्वासन तक सीमित बन कर रह गए हैं। आज वर्षों बीत जाने पर भी यह गेट दोबारा शुरू करने का कोई भी ठिकाना दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में नागरिक निराश हैं तथा मुरदोली प्रवेश द्वार दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे हैं।

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