गोंदिया नगर परिषद-नगर पंचायत चुनाव: चारों विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर, किसका बचेगा गढ़?

Nikay Chunav: गोंदिया, तिरोड़ा, सालेकसा और गोरेगांव नप-नपं चुनाव 2 दिसंबर को। चारों मौजूदा विधायकों के लिए बड़ी परीक्षा है। गढ़ बचाने की चुनौती और दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
Nikay Chunav: गोंदिया, तिरोड़ा, सालेकसा और गोरेगांव नप-नपं चुनाव 2 दिसंबर को। चारों मौजूदा विधायकों के लिए बड़ी परीक्षा है। गढ़ बचाने की चुनौती और दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
राजकुमार बडोले, विजय रहांगडाले, विनोद अग्रवाल, संजय पुराम (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Gondia Nikay Chunav: गोंदिया, तिरोड़ा नप और सालेकसा व गोरेगांव नपं के चुनाव 2 दिसंबर को होने हैं। विस चुनाव के एक साल बाद पहली बार ये चुनाव हो रहे हैं। यह जिले के चारों मौजूदा विधायकों के लिए एक परीक्षा होगी। यह साबित करने का एक मौका है कि विस चुनाव में मिली सफलता, वोटों का बहुमत और निर्वाचन क्षेत्र में प्रभाव अभी भी कायम है।

इससे यह स्पष्ट होगा कि किसकी पार्टी मजबूत है और किसकी पार्टी कमजोर है, यह उनके लिए भी एक परीक्षा की घड़ी होगी। जिले में नप और नपं के चुनाव साढ़े तीन साल की अवधि के बाद हो रहे हैं। 2017 में हुए चुनावों में गोंदिया और तिरोड़ा नप में भाजपा सत्ता में थी। सालेकसा नपं में भाजपा ने गठबंधन किया था और गोरेगांव नपं में कांग्रेस और निर्दलीयों ने सरकार बनाई थी।

एनसीपी अजीत पवार गुट के नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद प्रफुल पटेल का गृह जिला गोंदिया है। इसलिए उनके सामने गोंदिया और तिरोड़ा नप पर एनसीपी का झंडा फहराने की चुनौती होगी। गोंदिया के वर्तमान विधायक भाजपा के विनोद अग्रवाल हैं, जिन्होंने 61 हजार से अधिक वोटों से विजय हासिल की थी।

असमंजस की स्थिति

भाजपा के डॉ. प्रशांत कटरे को लोकसभा-विधानसभा चुनाव में भाजपा के नागपुर और गोंदिया जिले के विधायक नेताओं ने खारिज कर दिया था। भाजपा ने कशिश जायसवाल को अपना उम्मीदवार बनाया, तो डॉ. कटरे भाजपा छोड़कर शिंदे सेना में शामिल हो गए और विधायक नरेंद्र भोंडेकर की उपस्थिति में नगराध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। उम्मीदवारी को लेकर सबसे ज्यादा असमंजस की स्थिति भाजपा में बनी हुई है। अब गोंदिया में विधायक विनोद अग्रवाल और पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल की प्रतिष्ठा दांव पर हैं। इस चुनाव में इसे बरकरार रखने की चुनौती तिरोड़ा के वर्तमान विधायक विजय रहांगडाले के सामने होगी। यहां अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है।

अपना दबदबा दिखाने का समय

अर्जुनी मोरगांव विस क्षेत्र के विधायक राजकुमार बडोले राकांपा अजित पवार गुट से हैं और गोरेगांव नपं का कुछ हिस्सा उनके विधानसभा क्षेत्र में आता है। इस पंचायत पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए उनके लिए यह अपना दबदबा दिखाने का समय है। इसलिए इस चुनाव में उनकी भी परीक्षा है। सालेकसा नपं और यह इलाका कांग्रेस का गढ़ माना जाता है।

गोंदिया नप नगराध्यक्ष पद पर के प्रमुख उम्मीदवार

भाजपा : कशिश जायसवाल राकांपा : डॉ. माधुरी नासरे कांग्रेस : सचिन शेंडे शिवसेना (शिदें गुट) : डॉ. प्रशांत कटरे

तिरोड़ा नप के नगराध्यक्ष उम्मीदवार

भाजपा : अशोक असाटी राकांपा (शरद गुट) : संदीप पाटिल राकांपा (पवार गुट) : अजय सिंह गौर कांग्रेस : गजेंद्र सिंगनजुड़े शिवसेना (शिंदे गुट) : वसंत नागपुरे

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