कंपनियों को सब्सिडी वाले खाद को जोड़ने पर रोक, कार्रवाई के निर्देश, टीमें रखेंगी कड़ी नजर

Gondia Fertilizer Linking Ban: महाराष्ट्र सरकार ने सब्सिडी वाले खादों की लिंकिंग पर रोक लगाने का फैसला लिया है। अब किसानों को उर्वरक खरीदते समय अन्य कृषि उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
maharashtra fertilizer linking ban farmers relief
Fertilizer Linking Ban (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Gondia Farmers News: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए फैसले की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी सब्सिडी वाले खादों की लिंकिंग पर रोक लगाने की मांग की गई है। आखिरकार महाराष्ट्र सरकार ने ये फैसला ले लिया है और किसानों को राहत मिल गई है। अब इस फैसले के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यंत्रणा को सतर्क रहने की जरूरत है। राज्य में कुछ निर्माताओं और पणन कंपनियों द्वारा गैरसब्सिडी वाले खादों और अन्य कृषि आदानों की बिक्री के साथसाथ सब्सिडी वाले खादों की बिक्री के संबंध में किसानों की शिकायतें थीं।

इसलिए, जनप्रतिनिधियों के साथसाथ महाराष्ट्र फर्टिलाइजर्स, पेस्टिसाइड्स एंड सीड्स डीलर्स एसोसिएशन भी सरकार को ज्ञापन सौंप रहे थे और अवैध व्यापार प्रथा को रोकने की मांग कर रहे थे। इसलिए, राज्य के कृषि संरक्षण, दुग्ध व्यवसाय विकास और मत्स्य व्यवसाय विभाग ने 20 मई को आदेश जारी किया।

आपूर्ति और बिक्री पर रोक

खाद निर्माताओं, आपूर्तिकर्ता कंपनियों को सब्सिडी वाले खादों की बिक्री और आपूर्ति के लिए दिए गए लाइसेंस में सब्सिडी वाले रासायनिक खादों को छोड़कर, गैर सब्सिडी वाले खाद, सूक्ष्म पोषक तत्व, जैव खाद, बायोस्टिमुलेंट आदि की आपूर्ति और बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

कृषि विक्रेताओं की पहल

उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 जनवरी 2026 से किसी भी अन्य उत्पाद के साथ-साथ सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री और अनिवार्यता पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। कृषि सामग्री विक्रेताओं ने राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे और राज्य के कृषि सचिव, कृषि आयुक्त और कृषि संचालकों से मांग की थी कि अनुचित व्यवहार को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार को भी इसी तरह का निर्णय लेना चाहिए।

खाद की लिंकिंग न हो

जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी नीलेश कानवडे ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान खाद बीज की कालाबाजारी न हो और खाद की लिंकिंग न हो, इस पर कृषि विभाग की 16 उड़न दस्ते नजर रखेंगी। साथ ही समयसमय पर कृषि केंद्र का निरीक्षण भी किया जाएगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com