- Hindi News »
- Maharashtra »
- Gondia »
- Gondia Tribal Villages No Health Network Facility Murkutdoh Dandari Crisis
इलाज के लिए 20 किमी का सफर! गोंदिया के आदिवासियों का सवाल- क्या जंगल में रहना अपराध
Gondia News: गोंदिया के मुरकुटडोह-दंडारी जैसे आदिवासी गांव अब भी स्वास्थ्य, संचार जैसी सुविधाओं से वंचित है। इलाज के लिए 20 किमी जंगल पार करना मजबूरी है।
- Written By: आकाश मसने

गोंदिया के गांव का दृश्य (फोटो नवभारत)
Gondia Tribal Village News: महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के सालेकसा तहसील के मुरकुटडोह, दंडारी क्षेत्र के अन्य गांव वनाच्छादित, नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल हैं। क्षेत्र में कोई सुविधाएं नहीं हैं। संचार की कोई सुविधा नहीं है। अगर किसी की तबीयत बिगड़ती है, तो उसे जंगल पार करके 20 किलोमीटर की दूरी तय करके दरेकसा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना पड़ता है।
एक ओर जहां सरकार आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है, वहीं इस क्षेत्र के आदिवासियों की पीड़ा अभी भी महसूस की जा रही है। हमने जंगली इलाके में रहकर कोई अपराध किया? ऐसा सवाल वे सवाल कर रहे हैं।
अगर किसी बीमारी के लिए तुरंत इलाज की जरूरत होती है और वह नहीं मिलता, वहीं यहां के ग्रामीणों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। इस क्षेत्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरेकसा है। इन 5 गांवों को इसी स्वास्थ्य केंद्र में शामिल किया गया था। लेकिन दरेकसा उपकेंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां न तो अलग से इमारत की व्यवस्था है और न ही चिकित्सा उपचार की व्यवस्था है।
सम्बंधित ख़बरें
विश्व मलेरिया दिवस: अकोला में जागरूकता अभियान, सामूहिक प्रयासों से मलेरिया मुक्त भविष्य बनाने का संकल्प
अकोला: ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ अभियान का आगाज, 1 मई से नागरिक स्वयं ऑनलाइन कर सकेंगे ‘स्वगणना’
गोंदिया में गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं का हल्लाबोल, डेढ़ महीने से सिलेंडर न मिलने पर महिलाओं का फूटा गुस्सा
भंडारा पशु वितरण योजना में 11 करोड़ का ‘कागजी’ घोटाला, बिना गाय-भैंस के विभाग ने बेच दिया 13 लाख लीटर दूध!
मुरकुटडोह-दंडारी के 5 गांवों के अलावा, दरेकसा उपकेंद्र में डहारटोला, डुंबरेटोला, कोपालगढ़, गल्लाटोला और चांदसूरज के 5 गांव भी शामिल हैं। इस उपकेंद्र में कुल 10 गांव शामिल हैं। लेकिन इन गांवों के लिए केवल 1 स्वास्थ्य सेवक और 2 स्वास्थ्य सेविकाओं की नियुक्ति की गई है।
गांव में दाई कराती है प्रसव
स्वास्थ्य सेविकाओं के लिए सभी दस गांवों में निरंतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना संभव नहीं है। ऐसे में, मुरकुटडोह, दंडारी जैसे 20 किलोमीटर दूर गांव में जाना संभव नहीं है। मानसून के दौरान, यहां कोई नहीं पहुंच सकता।
यह क्षेत्र जंगल से घिरा है, इसलिए बुखार का संक्रमण जल्दी होता है। ऐसे में लोग गांव के इलाज पर विश्वास करते हैं। जब कोई महिला प्रसव करती है, तो दाई प्रसव का काम करती है, और कभी-कभी परिवार को उसे प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में महायुति का एकछत्र राज! नहीं बचा कोई ‘विपक्ष का नेता’, राज्य में सियासी हलचल तेज
शासन की अनदेखी
यह क्षेत्र मुख्यतः आदिवासी बहुल है। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए तत्कालीन विधायक नारायण बहेकार और पूर्व मंत्री भरत बहेकार ने इस क्षेत्र को विकास की धारा में लाने का प्रयास किया था। उसके बाद तत्कालीन कांग्रेस विधायक सहेसराम कोरेटे ने मुरकुटडोह-दंडारी के लिए एक उपकेंद्र शुरू करने का प्रयास किया।
वे प्रयास सफल रहे और उपकेंद्र स्वीकृत हो गया। लेकिन, उनके बाद आए जनप्रतिनिधियों ने उनकी अनदेखी की। केंद्र और राज्य सरकारों में भाजपा की सरकार है। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी भाजपा के आदिवासी समुदाय के विधायक ही करते हैं। लेकिन, स्थानीय नागरिक उन पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सिंचाई जैसे प्रमुख मुद्दों की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं।
Gondia tribal villages no health network facility murkutdoh dandari crisis
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
DC vs PBKS: राजधानी में पंजाब किंग्स ने रचा इतिहास, दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ चेज किया IPL का सबसे बड़ा टारगेट
Apr 25, 2026 | 07:52 PMShani Dev Puja Vidhi: शनि देव को तेल चढ़ाते समय क्या बोलना चाहिए? जानें तेल चढ़ाने का सही तरीका
Apr 25, 2026 | 07:49 PMबड़ी कठिन है, मुलुक की राह! यूपी-बिहार की ट्रेनों में हो रही भारी भीड़, रेलवे की समर स्पेशल के बावजूद राहत नही
Apr 25, 2026 | 07:41 PMAI का खौफ! बांग्लादेश में महिला कार्यकर्ताओं और नेताओं को डीपफेक से बनाया जा रहा निशाना, जानिए क्या है सच
Apr 25, 2026 | 07:32 PMटैरिफ नया खेल है…स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अमेरिकी चुनाव तक! पूर्व CJI DY चंद्रचूड़ ने बताए बड़े खतरे
Apr 25, 2026 | 07:31 PM‘देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई..’, RSS-BJP पर राहुल गांधी ने लगाया नफरत फैलाने का आरोप
Apr 25, 2026 | 07:30 PMट्रेन में सामान छूट जाए तो क्या करें? जानें ‘ऑपरेशन अमानत’ से कैसे मिलेगा वापस
Apr 25, 2026 | 07:20 PMवीडियो गैलरी

UP News: मेरठ का तुषार कैसे बना ‘हिजबुल्लाह’? मोबाइल और इंस्टाग्राम ने बनाया आतंकी
Apr 24, 2026 | 10:28 PM
PM मोदी के हुगली दौरे के बाद क्या बदला माहौल? महिलाओं ने सुरक्षा पर उठाए सवाल, युवाओं ने मांगा रोजगार
Apr 24, 2026 | 10:23 PM
संदीप पाठक के पास थे सिर्फ 3 रास्ते…जानें IIT प्रोफेसर ने AAP छोड़ क्यों चुना BJP का साथ? देखें VIDEO
Apr 24, 2026 | 10:12 PM
पहाड़ों पर ₹80 की पानी की बोतल का सच: क्या यह लूट है या मजबूरी? हकीकत जानकर दंग रह जाएंगे
Apr 24, 2026 | 10:09 PM
UP बोर्ड में लड़कियों की बादशाहत! टॉपर्स लिस्ट में केवल एक लड़का, कशिश और शिखा वर्मा ने किया प्रदेश का नाम रोशन
Apr 24, 2026 | 02:04 PM
‘तुम यहां क्या कर रहे हो…?’, केदारनाथ धाम में मुस्लिम के साथ गाली-गलौज, VIDEO हुआ वायरल
Apr 23, 2026 | 10:43 PM














