बैठक में मौजूद कलेक्टर व अन्य अधिकारी (फोटो नवभारत)
Adi Karmayogi Abhiyan: केंद्रीय आदिवासी कार्य मंत्रालय ने आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान के माध्यम से अंतिम छोर तक सरकारी योजनाओं का व्यक्तिगत तथा सामूहिक लाभ पहुंचाकर उन्हें विकास के मुख्य प्रवाह में लाने के लिए विभाग सकारात्मक व समन्वय से प्रयास करें, ऐसे निर्देश गड़चिरोली जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने दिए।
आदि कर्मयोगी अभियान के अमल संदर्भ में जिलाधिकारी कार्यालय के सभागृह में बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में दिशानिर्देश देते हुए वे बोल रहे थे। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, आदिवासी विकास प्रकल्प के अहेरी के प्रकल्प अधिकारी कुशल जैन, गड़चिरोली के प्रकल्प अधिकारी रणजीत यादव इसके साथ योजना से संबंधित विभिन्न 17 विभागों के प्रमुख इस समय उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने कहा कि ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ यह केंद्र सरकार का व्यापक महत्वाकांक्षी अभियान है। इसके तहत मास्टर ट्रेनर तैयार कर तथा लोगों का सहभाग लेकर प्रत्येक आदिवासी गांव के समस्याओं का डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा। जिससे ‘विकसित भारत 2047’ के वीजन डॉक्यूमेंट में इसका समावेश किया जा सकेगा। इसके लिए राज्य, जिला, ब्लॉक तथा ग्रामस्तर पर विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाने वाला है। इस बैठक में सभी गुटविकास अधिकारी, संबंधित विभागों के प्रमुख दूरदृष्य प्रणाली द्वारा उपस्थित थे।
इस अभियान में पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, राष्ट्रीय सिकलसेल उच्चाटन मुहिम तथा एकलव्य निवासी स्कूलों का विस्तार तथा छात्रवृत्ति तथा अन्य योजनाओं का एकत्रिकरण कर वीजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाने वाला है। इसमें जिला परिषद, पंचायत समिति तथा ग्राम पंचायत की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहने वाली है।
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केंद्र तथा राज्य स्तर पर से इस अभियान के लिए निरंतर प्रयास शुरू है। 2 अक्टूबर 2025 के ग्रामसभा में यह प्रारूप मंजूर करना है। जिससे इसमें प्रत्येक विभाग सुक्ष्म नियोजन कर सक्रिय सहभाग दर्ज करें, ऐसी सूचना जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए।