

Gondia VBGRAMG Employees Protest: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के अंतर्गत वीबीजीआरएएमजी में जिला व तहसील स्तर पर कार्यरत संविदा कर्मचारियों को पिछले पांच से छह माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान करने तथा अन्य मांगों को लेकर वीबीजीआरएएमजी संघर्ष कृति समिति, जिला गोंदिया की ओर से केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायकों व जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया है।
कर्मचारियों ने केंद्रीय ग्रामीण विकास व कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद नामदेव किरसान, विधायक विनोद अग्रवाल, संजय पुराम, विजय रहांगडाले, राजकुमार बडोले, जिप सीईओ, उपजिलाधीश वीबीजीआरएएमजी तथा उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि तहसील व जिला स्तर पर कार्यरत एपीओ, पीटीओ और सीडीईओ विभिन्न शासकीय योजनाओं का संचालन, ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारी अपलोड करना, रिपोर्ट तैयार करना, बैठकों में भाग लेना, क्षेत्रीय निरीक्षण तथा निर्वाचन आयोग के कार्यों सहित सभी जिम्मेदारियां नियमित रूप से निभा रहे हैं।
इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि एसएनएस्पर्श वित्तीय प्रणाली लागू होने के बाद भुगतान प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है।बिना वेतन के कर्मचारी निभा रहे जिम्मेदारियांअधिकारियों की डिजिटल स्वीकृति के बाद भी मानदेय समय पर जारी नहीं हो रहा है।
इसलिए इस प्रणाली को समाप्त कर सरल भुगतान व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में छह माह का लंबित मानदेय तत्काल जारी करना, एसएनएस्पर्श प्रणाली समाप्त करना, सेवा का नियमितीकरण, रोजगार सुरक्षा, मानदेय में वृद्धि, ईपीएफ, ईएसआई, चिकित्सा सुविधा सहित सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराना, आवश्यक प्रशिक्षण व संसाधन प्रदान करना तथा पदोन्नति, स्थानांतरण और सेवा संबंधी स्पष्ट नीति लागू करना शामिल है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि बिना वेतन के कर्मचारी लगातार ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन लंबे समय से भुगतान नहीं होने से उनमें भारी असंतोष है। यदि प्रशासन ने शीघ्र लंबित मानदेय जारी नहीं किया, तो वीबीजीआरएएमजी राज्य संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा।