

Sawan Mein Kya Daan Kare: हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति के लिए सबसे पवित्र और शुभ माना जाता है। इस दौरान शिवजी के जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और पूजा-अर्चना के साथ-साथ दान-पुण्य का भी बड़ा महत्व बताया गया है। धर्म ग्रथों में सावन के महीने में दान-पुण्य को आत्मा को शुद्ध करने और अच्छे कर्म का फल पाने का एक अच्छा माध्यम माना जाता है।
ऐसा कहा जाता है कि इस पूरे महीने जरूरतमंदों को दान करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा अपने भक्तों पर सदैव बनाए रखते है। भगवान शिव को ऐसे देवों के रूप में पूजा जाता है जिनकी कृपा दृष्टि तुरंत ही भक्तों पर पड़ती है और वो अत्यंत दयालु होने के कारण भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। आइए जानते हैं कि सावन के पावन महीने में किन-किन वस्तुओं का दान करना सबसे शुभ माना जाता हैं।
सावन के महीने में यदि आप जरूरतमंदों को अन्न का दान करते हैं तो यह एक अत्यंत शुभ काम माना जाता है। इस दौरान भूखों को खाना खिलाना सबसे अच्छा होता है और इससे शिव जी की कृपा भी बनी रहती है। सावन में मुख्य रूप से आप कुछ अनाज जैसे गेहूं, चावल और दालों का दान करें तो यह विशेष रूप से फलदायी हो सकता है।
धर्म शास्त्रों में भगवान शिव की पूजा और शिवलिंग के जलाभिषेक में काले तिल का विशेष महत्व बताया गया है। ज्योतिषयों के अनुसार, सावन में काले तिल का दान करने से राहु, केतु और शनि से जुड़े दोषों का प्रभाव कम होता है। साथ ही, नकारात्मक ऊर्जा से भी राहत मिलने की मान्यता है।
सावन में हरी वस्तुओं, जैसे साबुत हरी मूंग, हरी सब्जियों और मौसमी फलों का दान करना शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हरा रंग और हरी वस्तुएं बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है। इनका दान करने से बुद्धि, वाणी, व्यापार और कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होने की मान्यता है।
सावन के दौरान वस्त्रों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है और यदि इस शुभ महीने में आप जरूरतमंदों की मदद करने के लिए दान करना चाहते हैं तो चादर, पहनने के लिए वस्त्र और बर्तनों का दान कर सकते हैं। हालांकि आपको इस बात का भी ध्यान रखना है कि आप इस महीने पुरानी चीजों का दान करने से बचें।
अगर आप सावन के महीने में जरूतमंदों को धन का दान करेंगे तो यह आपके लिए बहुत शुभ हो सकता है। इस तरह के दान से भगवान शिव की कृपा दृष्टि बनी रहती है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं। इस दौरान आपको अपनी सामर्थ्य अनुसार पैसों का दान अवश्य करना चाहिए।