

Raj Thackeray On Siddhivinayak Temple: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के स्थापना दिवस के मौके पर मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य और देश की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने सिद्धिविनायक मंदिर से हर साल करोड़ों रुपये की चोरी होने का गंभीर आरोप लगाया।
अयोध्या के राम मंदिर में कथित आर्थिक अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि सिद्धिविनायक मंदिर की दान पेटी से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की चोरी हो रही थी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों में हलचल मच गई है।
राज ठाकरे ने कहा कि क्या अब मंदिरों में भी चोरी होने लगी है? अयोध्या के राम मंदिर जैसे भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर 1400 करोड़ रुपये की चोरी का आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन सरकार का कोई भी व्यक्ति इस पर बोलने को तैयार नहीं है। वहीं, चुनाव के समय यही लोग राम मंदिर के नाम पर वोट मांगने पहुंच जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले पर बोलना चाहिए।
राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर की दान पेटी से चोरी के मामले में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ट्रस्ट मंडल द्वारा दिए गए कथित पत्र का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पत्र में ट्रस्टियों ने मंदिर की आय में वृद्धि का उल्लेख करते हुए दान पेटी की राशि में अंतर को लेकर चिंता जताई थी।
राज ठाकरे ने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि दान पेटी से पैसे चोरी करने वाले कुछ कर्मचारियों को पकड़ा गया था। इससे पहले हर बुधवार दान पेटी में जमा राशि 50 लाख रुपये से कम रहती थी, लेकिन कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद तीन सप्ताह में यही राशि करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इससे संकेत मिलता है कि पहले हर सप्ताह जमा होने वाली राशि में से कुछ हिस्सा गायब हो रहा था। ट्रस्ट को आशंका है कि इससे मंदिर को हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। राज ठाकरे ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी राज ठाकरे ने कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल गलत है और किसी के खिलाफ ऐसी टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि यह बात अपनी पार्टी के लोगों को भी बताएं। दूसरों की भी मां होती हैं।
राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग की राजनीति बढ़ी है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर कई नेताओं के खिलाफ भी ट्रोलिंग की गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी पार्टी के लोगों से भी मर्यादा बनाए रखने की अपील करनी चाहिए।
मनसे प्रमुख ने विद्यार्थी आंदोलन और नई पीढ़ी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के मुद्दे पहले से अलग हैं। जेन-जी पीढ़ी की सोच, अपेक्षाओं और समस्याओं को समझना जरूरी है। उन्होंने मनसे विद्यार्थी सेना के कार्यकर्ताओं से ग्रामीण महाराष्ट्र के युवाओं की समस्याओं को समझने का आह्वान किया।
राज ठाकरे ने राज्य के शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि बचपन में माता-पिता कहते थे कि सिर पर तेल लगाने से बुद्धि तेज होती है। एक व्यक्ति ने जीवनभर बालों में तेल लगाया, लेकिन बुद्धि नहीं आई। उन्होंने चंद्रकांत पाटिल के कथित बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दुनिया कहां जा रही है और हम क्या बोल रहे हैं?
महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री पत्थर पर मौजूद फिंगरप्रिंट को आधार से लिंक करने की बात करते हैं। मुझे तो चंद्रकांत पाटिल के दिमाग के फिंगरप्रिंट देखने हैं। कोल्हापुर के लोगों ने उन्हें ज्ञान प्राप्त करने के लिए पुणे भेजा, लेकिन वहां भी कुछ नहीं बदला। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे शिक्षा मंत्री होने पर युवाओं में नाराजगी क्यों नहीं बढ़ेगी।