विदर्भ रेल नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार, वर्षों पुरानी मीटर गेज लाइनों का होगा ब्रॉडगेज परिवर्तन

Vidarbha Rail Projects: विदर्भ के रेल नेटवर्क को नई रफ्तार मिलने जा रही है। सरकार ने मुर्तिजापुर-यवतमाल, मुर्तिजापुर-अचलपुर और पुलगांव-आर्वी रेल लाइनों के ब्रॉडगेज परिवर्तन की प्रक्रिया तेज कर दी है। 
vidarbha rail network broad gauge conversion new projects
ब्रॉडगेज परिवर्तन- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Vidarbha Railway Network: विदर्भ के दशकों पुराने रेल नेटवर्क को पुनर्जीवित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लोकसभा में सांसद अनूप धोत्रे द्वारा उठाए गए प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि विदर्भ की वर्षों से बंद पड़ी मीटर गेज रेल लाइनों के ब्रॉडगेज परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। साथ ही महाराष्ट्र में रेल अवसंरचना के विस्तार के लिए रिकॉर्ड निवेश और कई नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि, रेल बजट 202627 में महाराष्ट्र के लिए 23,926 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 1916 में शुरू हुई 112 कि.मी. लंबी मुर्तिजापुरयवतमाल रेल लाइन, जो वर्ष 2017 से बंद है, उसके ब्रॉडगेज परिवर्तन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट डीपीआर तैयार कर ली गई है। इसी प्रकार वर्ष 2019 से बंद 77 कि.मी. लंबी मुर्तिजापुर-अचलपुर रेल लाइन की डीपीआर भी तैयार है। वहीं, वर्ष 2008 से बंद 35 कि.मी. लंबी पुलगांवआर्वी रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे एफएलएस को मंजूरी मिल चुकी है। इन तीनों लाइनों के पुनर्निर्माण से विदर्भ के किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को बेहतर रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है।

हजारों करोड़ की रेल परियोजनाएं

केंद्र सरकार ने विदर्भ में रेल संपर्क मजबूत करने के लिए वर्धा-नांदेड नई रेल लाइन 284 किमी, भुसावल-वर्धा तीसरी एवं चौथी लाइन 314 किमी तथा वर्धाबल्लारशाह चौथी लाइन 135 किमी जैसी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसके अलावा जालना-खामगांव नया रेल लाइन का डीपीआर भी तैयार किया गया है। महाराष्ट्र में कुल 52 रेल परियोजनाओं पर लगभग 1.42 लाख करोड़ रु. खर्च किए जाएंगे, जिनकी कुल लंबाई 5,956 कि.मी. होगी।

मजबूत रेल नेटवर्क आवश्यक

सांसद अनूप धोत्रे ने कहा कि विदर्भ के विकास के लिए मजबूत रेल नेटवर्क अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गेज परिवर्तन और नई रेल परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, व्यापार और कृषि को नई गति मिलेगी तथा विदर्भ विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com