गोंदिया में फसल बीमा योजना के नियमों में बदलाव, फर्जीवाड़ा करने वाले 5 साल तक सरकारी योजनाओं से होंगे बाहर

PM Fasal Bima: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार ने नियम कड़े कर दिए हैं। गलत दस्तावेज देने पर जेल, जुर्माना और आधार नंबर ब्लैकलिस्ट करने के साथ लाइसेंस भी रद्द होगा।
Gondia Pradhan Mantri Fasal Bima Rules Update
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - AI)
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Gondia Pradhan Mantri Fasal Bima Rules Update: महाराष्ट्र राज्य में पिछले वर्ष सामने आए फर्जी फसल बीमा मामलों के बाद सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नियमों को और सख्त कर दिया है। अब फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फसल बीमा कराने वाले किसानों के साथ-साथ संबंधित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों पर भी सीधे आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।

दोषी पाए जाने पर कारावास, जुर्माना, आधार नंबर को ब्लैकलिस्ट करने तथा 5 वर्ष तक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रखने का प्रावधान किया गया है। यह जानकारी गोंदिया जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी नीलेश कानवड़े ने दी। सरकार किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा योजना का लाभ देती है।

लेकिन पिछले कुछ वर्षों में फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीमा का लाभ लेने तथा कुछ सीएससी संचालकों द्वारा गलत जानकारी भरकर शासन से धोखाधड़ी करने के कई मामले सामने आए थे।

4,500 फर्जी मामलों के बाद सख्त एक्शन

महाराष्ट्र राज्य भर में ऐसे करीब 4,500 मामले सामने आने के बाद सरकार ने नियमों में बदलाव कर सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। अब फसल बीमा आवेदन भरते समय किसानों द्वारा जमा किए गए आवेदन, आवश्यक दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखना सीएससी संचालकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। यह रिकॉर्ड मुआवजा मिलने तक या कम से कम 2 वर्ष तक सुरक्षित रखना होगा।

यदि किसी सीएससी केंद्र से फर्जी आवेदन भरे जाने का मामला सामने आता है, तो संबंधित संचालक पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले में 1 हजार से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से जमा किए गए फसल बीमा आवेदनों की जांच की जाएगी।

यदि किसी किसान ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बीमा राशि प्राप्त की है, तो वह राशि उसके आधार से जुड़े बैंक खाते से वसूल की जाएगी। साथ ही उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

फर्जीवाड़ा मिलने पर लाइसेंस होगा रद्द

महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फर्जी बीमा प्रकरण में शामिल पाए जाने पर संबंधित कॉमन सर्विस सेंटर का लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी दस्तावेजों के जरिए बीमा का लाभ लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और सरकारी धन का दुरुपयोग भी कम होगा।

फर्जी का कोई मामला नहीं

गोंदिया जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी नीलेश कानवड़े ने कहा है कि गोंदिया जिले में धान की खेती सबसे अधिक होती है, लेकिन अब तक जिले में फर्जी फसल बीमा का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर फसल बीमा का लाभ लेने का प्रयास न करें। यदि ऐसा मामला सामने आता है, तो संबंधित किसान के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका आधार नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

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