

Maharashtra Assembly Winter Session In Nagpur: महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र शुक्रवार को आधिकारिक रूप से संपन्न हो गया। इस सत्र के समापन के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने अगले शीतकालीन सत्र की तारीखों का भी ऐलान कर दिया है। राहुल नार्वेकर ने घोषणा की कि विधानमंडल का अगला शीतकालीन सत्र सोमवार, 7 दिसंबर से राज्य की उपराजधानी नागपुर में आयोजित किया जाएगा।
22 जून से शुरू होकर 10 जुलाई तक चले इस महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र में कुल 14 दिन कामकाज हुआ। इस दौरान सदन की कार्यवाही काफी उत्पादक रही। आंकड़ों पर नजर डालें तो सदन में कुल 125.54 घंटे काम हुआ, जिसका मतलब है कि प्रतिदिन औसतन 8 घंटे और 59 मिनट तक विधायकों ने जनता के मुद्दों पर मंथन किया।
हालांकि, इस दौरान मंत्रियों की गैरमौजूदगी और कुछ अन्य तकनीकी व राजनीतिक वजहों से कुल 30 मिनट का समय बर्बाद भी हुआ। इस सत्र की शुरुआत में सदन में 2 नवनिर्वाचित सदस्यों का परिचय कराया गया, जबकि विभिन्न दिवंगत नेताओं व अन्य प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि देते हुए 11 शोक प्रस्ताव भी पेश किए गए।
इस सत्र के दौरान विधायकों ने जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जमकर घेरा। सदन को कुल 9055 सवाल प्राप्त हुए, जिनमें से 410 स्वीकृत किए गए और 58 के जवाब सीधे सदन में दिए गए। 2137 सूचनाओं में से एक भी स्वीकार नहीं हुई। वहीं 2998 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में से केवल 292 स्वीकार हुए, जिनमें से 62 पर ही चर्चा हो सकी।
महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में 22 विधेयक पेश हुए, जिनमें से 21 पारित हो गए और एक संयुक्त समिति को भेजा गया। विधान परिषद ने भी एक विधेयक पारित किया।
बता दें कि 7 दिसंबर से नागपुर में आयोजित होने वाले महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में कई बड़े बिल पास होने की संभावना है। मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। इस दौरान सीएम फडणवीस ने कहा था कि यह बिल शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में पेश किया जाएगा। इसे देखते हुए अब सभी की निगाहें शीतकालीन सत्र पर टिकी हुई है।