उद्घाटन के 6 महीने बाद ही BMC की नई इमारत की खुली पोल: जोगेश्वरी वार्ड ऑफिस में गिरी फॉल्स सीलिंग, टपका पानी

Jogeshwari BMC Ward Office: जोगेश्वरी स्थित बीएमसी के के नॉर्थ वार्ड कार्यालय की फॉल्स सीलिंग उद्घाटन के छह महीने बाद ही ढह गई। कर्मचारियों ने घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
Part of the false ceiling collapsed at BMC's new K-North ward office in Jogeshwari just six months after inauguration. Employees demand structural audit.
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Mumbai BMC Building Defect: मानसून की पहली ही बारिश में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की नई इमारत की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। जोगेश्वरी स्थित के/नॉर्थ वार्ड कार्यालय में उद्घाटन के महज छह महीने बाद फॉल्स सीलिंग का एक हिस्सा अचानक गिर गया। इसके अलावा कई कमरों में छत से पानी टपकने की भी शिकायत सामने आई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई कर्मचारी इसकी चपेट में नहीं आया।

कर्मचारियों ने घटिया निर्माण सामग्री का लगाया आरोप

घटना के बाद कार्यालय के कर्मचारियों ने भवन निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इमारत के निर्माण में निम्न स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण पहली ही बारिश में ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई। कर्मचारियों ने पूरे भवन की विस्तृत तकनीकी जांच कराने और उच्च गुणवत्ता के साथ तत्काल मरम्मत की मांग की है।

बीएमसी पहले से आलोचनाओं के घेरे में

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब मानसून के दौरान जलभराव, पेड़ गिरने और खुले मैनहोल जैसी घटनाओं को लेकर बीएमसी पहले से ही आलोचनाओं का सामना कर रही है। नई इमारत में सामने आई निर्माण संबंधी खामियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और निर्माण गुणवत्ता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद बढ़ी गंभीरता

हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने खुले मैनहोल से होने वाले हादसों पर बीएमसी को फटकार लगाते हुए कहा था कि दुर्घटनाओं के बाद कार्रवाई करने के बजाय उन्हें रोकने के लिए पहले से प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। ऐसे में नई इमारत में सामने आई यह घटना बीएमसी की निर्माण निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है।

तकनीकी निरीक्षण की मांग

कर्मचारियों ने मांग की है कि पूरे भवन का स्वतंत्र तकनीकी निरीक्षण कराया जाए, ताकि निर्माण में किसी प्रकार की खामी होने पर उसकी जिम्मेदारी तय की जा सके। साथ ही सभी कमियों को उच्च गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप जल्द से जल्द दूर किया जाए, जिससे भविष्य में कर्मचारियों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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