Congress: सत्ता बचाने के लिए मंजूर नहीं किया इस्तीफा, कोरची के नगराध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल

Gadchiroli News: कोरची नगर पंचायत में एक साल पहले महिला पार्षद को गड़चिरोली पुलिस दल में सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी नगराध्यक्ष द्वारा महिला पार्षद के इस्तीफे को छुपाने का मामला सामने आया है।
Gadchiroli News: कोरची नगर पंचायत में एक साल पहले महिला पार्षद को गड़चिरोली पुलिस दल में सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी नगराध्यक्ष द्वारा महिला पार्षद के इस्तीफे को छुपाने का मामला सामने आया है।
कोरची नगर पंचायत (सौजन्य-नवभारत)
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Gadchiroli News in Hindi: किसी भी स्थानीय निकाय की संस्था में यदि किसी सदस्य को अपात्र घोषित किया जाता हैं अथवा संबंधित सरकारी नौकरी में शामिल होता हैं तो उसका सदस्यत्व नियमानुसार रद्द कर दिया जाता है। वहीं रिक्त पद पर 6 माह की अवधि में उपचुनाव की घोषणा कर चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

लेकिन कोरची नगर पंचायत में एक वर्ष पूर्व महिला पार्षद को गड़चिरोली पुलिस दल में सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी नगराध्यक्ष ने महिला पार्षद के इस्तीफे को छुपाते हुए अपने पद और कांग्रेस की सत्ता को बचाने का प्रयास किये जाने की जानकारी सामने आयी है। इस मामले में अब महिला नगराध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे है। वहीं यह मामला अब कोरची नगर पंचायत के गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पार्षद को सौंपा था इस्तीफा

कोरची नगर पंचायत के प्रभाग क्रमांक 2 से निर्वाचित हुई भगवती मयाराम सोनार की एक वर्ष पहले गड़चिरोली पुलिस दल में नियुक्ति हुई। 11 अगस्त 2024 को पुलिस दल में पदभार संभाला। वर्तमान में वह पुलिस मुख्यालय में बतौर पुलिस सिपाही पद पर कार्यरत है। पुलिस दल में शामिल होने के पूर्व ही भगवती सोनार ने अपने पार्षद का इस्तीफा नगराध्यक्ष हर्षलता भैसारे को सौंपा था। कोरची नगर पंचायत में कांग्रेस की सत्ता है। कांग्रेस के 7 और रिपाई का एक पार्षद ऐसी बलाबल संख्या कांग्रेस के पास है। वहीं इस नगर पंचायत में भाजपा के 6, राकांपा का 1 और 2 पार्षद निर्दलीय है। ऐसे कुल 17 पार्षद इस नगर पंचायत में है। निर्दलीय में से एक पार्षद ने भी कांग्रेस को अपना समर्थन दिया था। इसी कारण कांग्रेस के पास 8 सदस्य संख्या होने से इस नगर पंचायत पर कांग्रेस की सत्ता प्रस्थापित हुई।

इस्तीफा छुपाने का लगा आरोप

उधर इसी खेमे की महिला पार्षद भगवती सोनार का सदस्यत्व रद्द होने पर कांग्रेस की सत्ता अल्पमत में पहुंचेगी। रिक्त पद पर यदि उपचुनाव लिया गया तो कांग्रेस को अपनी सत्ता से हाथ धोना पड़ सकता है। वहीं नगराध्यक्षा हर्षलता भैसारे को भी अपना पद गंवाना पड़ेगा। इसी कारण नगराध्यक्षा भैसारे द्वारा पार्षद सोनार का इस्तीफा छुपाने का आरोप अब सभी स्तरों से किया जा रहा है।

पार्षद भगवती सोनार की पुलिस विभाग में नियुक्ति होने के बाद भी भाजपा के सभी 6 पार्षदों ने अब तक इस पर कोई आपत्ती नहीं दर्शायी। सूचना अधिकार के तहत मंगवाई गई जानकारी में पार्षद के रूप में भगवती सोनार का नाम अब भी नगर पंचायत में दर्ज है। इस मामले में अब नगराध्यक्षा हर्षलता भैसारे के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कोरची के नागरिकों द्वारा की जा रही है।

सदस्यत्व रद्द करने का प्रस्ताव किया पेश

पार्षद भगवती सोनार का इस्तीफा नगराध्यक्ष भैसारे के पास पहुंचा होगा, लेकिन इसकी जानकारी अब तक नगर पंचायत प्रशासन के पास नहीं है। नगर पंचायत की बैठकों में निरंतर अनुपस्थित रहने के कारण नगर पंचायत प्रशासन ने पार्षद सोनार का सदस्यत्व रद्द करने प्रस्ताव जिलाधिकारी कार्यालय में पेश किया है।

- गणेश सोनवणे, मुख्याधिकारी, नगर पंचायत कोरची

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