
Michgaon Liquor Free Village:गड़चिरोली जिले के धानोरा तहसील (सोर्सः सोशल मीडीया)
Gadchiroli Ideal Village: अवैध शराब बिक्री के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करते हुए धानोरा तहसील के मिचगांव बु. के ग्रामीणों ने निरंतर छह वर्षों से शराबमुक्त गांव की पहचान कायम रखने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। गांव में युवाओं सहित ग्रामीणों में नशे की प्रवृत्ति काफी कम हुई है, जिससे मिचगांव बु. एक आदर्श गांव के रूप में सामने आया है। लगभग छह वर्ष पूर्व मिचगांव बु. में अवैध रूप से शराब की बिक्री शुरू हो गई थी।
इसके कारण गांव में नशे की प्रवृत्ति बढ़ने लगी थी और महिलाओं सहित ग्रामीणों को बिना कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस गंभीर समस्या से गांव को मुक्त कराने के लिए मुक्तिपथ गांव संगठन आगे आया। ग्रामीणों ने व्यापक प्रतिसाद देते हुए अवैध शराब बिक्री से मुक्त गांव निर्माण का संकल्प लिया। इसके तहत अवैध शराब के खिलाफ संगठित संघर्ष कर गांव से शराब को पूरी तरह बाहर किया गया। वर्ष 2019 में लागू की गई शराबबंदी को बनाए रखने के लिए भी ग्रामीणों ने निरंतर प्रयास किए हैं। परिणामस्वरूप अब छह वर्ष पूरे होने के बावजूद गांव की शराबमुक्त पहचान कायम है।
भविष्य में गांव में अवैध शराब का प्रवेश न हो, इसके लिए ग्रामीणों ने आपसी चंदे से विजयस्तंभ का निर्माण कर अन्य गांवों के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है। शराबबंदी को कायम रखने के लिए मुक्तिपथ तहसील संगठक राहुल महाकुलकर तथा तहसील उपसंगठक भास्कर कड्यामी द्वारा नियमित प्रयास किए जा रहे हैं।
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गांव में शक्तिपथ संगठन का गठन किया गया है। महिलाओं की सभाएं, जनजागृति अभियान और नशा उपचार जैसे विभिन्न उपक्रम निरंतर चलाए जा रहे हैं। गांव की इस पहचान को बनाए रखने के लिए उपसरपंच अनिल शेंदरे, पुलिस पटेल पुनाजी राऊत, गांव संगठन की सपना जुमनाके, रूपा कन्नाके, सेजल सहारे, प्रतिभा नरोटे, यामिना राऊत, स्मिता राऊत सहित गांव के महिला और पुरुष सामूहिक रूप से प्रयासरत हैं।






