'खाकी' ने खोले गड़चिरोली के 73 गांवों में शिक्षा के द्वार, प्रोजेक्ट उड़ान, एक गांव एक वाचनालय...

गड़चिरोली पुलिस की पहल ‘एक गांव, एक वाचनालय’ से 73 नक्सल प्रभावित गांवों में शिक्षा का प्रसार हो रहा है। प्रोजेक्ट उड़ान से 8,000 से अधिक युवाओं को शिक्षा व रोजगार के अवसर मिले।
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सार्वजनिक वाचनालय (फोटो नवभारत)
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Gadchiroli News In News: कभी नक्सल गतिविधियों के लिए चर्चित रहे गड़चिरोली जिले की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। जिला पुलिस दल की प्रभावी रणनीति और सतत नक्सल विरोधी अभियान के कारण जिले के दुर्गम क्षेत्रों में अब शांति और विकास की हवा बहने लगी है। लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पुलिस द्वारा चलाई जा रही ‘दादालोरा खिड़की योजना’ इस परिवर्तन की प्रमुख कड़ी साबित हुई है।

इसी दिशा में पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल की संकल्पना से ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ के तहत ‘एक गांव, एक वाचनालय’ अभियान शुरू किया गया है। पिछले दो वर्षों में इस अभियान के माध्यम से जिले के नक्सल प्रभावित 73 गांवों में लाइब्रेरियां स्थापित की गई हैं। इन लाइब्रेरियों में किताबों के साथ-साथ वाई-फाई और अध्ययन की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे 8 हजार से अधिक युवाओं को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है।

इस पहल की शुरुआत 18 जनवरी 2023 को भामरागढ़ तहसील के नक्सल प्रभावित नारगुंडा गांव से हुई थी। यह गड़चिरोली जिले की पहली वाई-फाई युक्त लाइब्रेरी बनी। इसके बाद एक-एक कर अन्य गांवों में भी वाचनालयों की स्थापना की गई।

200 से अधिक युवा हुए पुलिस दल में शामिल

पहले जिले के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के युवाओं को किसी भी विभाग की नौकरी हासिल करने के लिये तहसील मुख्यालय अथवा जिला मुख्यालय में आकर रहना पड़ता था। यहां पर उपलब्ध लाइब्ररी के माध्यम से युवाओं को किताबों का ज्ञान मिल रहा था। लेकिन उन्होंने विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

ऐसे में वर्ष 2023 में जिला पुलिस दल द्वारा जिले के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र में लाइब्ररी शुरू किए जाने के कारण युवाओं को अपने गांव में ही रहकर किताबी ज्ञान ले पाना संभव हो गया। जिसका नतिजा अब तक करीब 200 से अधिक युवा जिला पुलिस दल में शामिल हुए है। इसके अलावा राजस्व समेत विभिन्न विभागों में भी बडे पैमाने पर जिले के युवाओं ने नौकरी हासिल की है।

दुर्गम क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर

गड़चिरोली पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने कहा कि जिले में पनप रहे नक्सलवाद का खात्मा करने के साथ ही जिले के दुर्गम और अतिदुर्गम क्षेत्र के युवाओं को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने के लिये हमने एक गांव एक वाचनालय यह उपक्रम शुरू किया है।

दादालोरा खिडकी योजना के तहत युवाओं को रोजगार व स्वयंरोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही एक गांव एक वाचनालय उपक्रम से युवाओं को सरकारी नौकरी हासिल करने में काफी मदद हो रही है। जिले के युवाओं का उज्वल भविष्य निर्माण हो, इसलिये हमने यह उपक्रम शुरू कर किया है।

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