
फरहान अख्तर (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Farhan Akhtar Stress Free Life: मुंबई में जन्मे फरहान अख्तर सिर्फ बॉलीवुड के सफल अभिनेता, निर्देशक और गायक ही नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिनकी जिंदगी में कला के साथ-साथ खेलों का भी खास स्थान है। फरहान की परवरिश एक खुले और प्रगतिशील माहौल में हुई, जहां उन्हें सवाल पूछने, नई चीजें सीखने और अपनी सोच को आज़ादी से रखने की प्रेरणा मिली। उनके पिता जावेद अख्तर और मां हनी ईरानी ने कभी भी उन पर किसी तरह की सामाजिक या धार्मिक बंदिशें नहीं थोपीं, जिसका असर उनकी सोच और करियर दोनों में साफ दिखाई देता है।
फरहान अख्तर का जन्म 9 जनवरी 1974 को मुंबई में हुआ था। बचपन से ही वह पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी काफी सक्रिय रहे। क्रिकेट और फुटबॉल उनके पसंदीदा खेल रहे हैं, जिन्हें वह अपनी जिंदगी का दूसरा प्यार कहते हैं। फरहान मानते हैं कि खेल न सिर्फ शारीरिक फिटनेस के लिए जरूरी हैं, बल्कि मानसिक तनाव को दूर करने का भी सबसे बेहतर तरीका हैं। आज भी वह शूटिंग के बीच या खाली समय में फुटबॉल खेलते हुए नजर आ जाते हैं।
करियर की बात करें तो फरहान ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने सफर की शुरुआत असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर की थी। उन्होंने ‘लम्हे’ और ‘हिमालय पुत्र’ जैसी फिल्मों में सहायक निर्देशक के रूप में काम किया। इसके बाद साल 2001 में ‘दिल चाहता है’ से उन्होंने निर्देशन में डेब्यू किया। यह फिल्म युवाओं की सोच और लाइफस्टाइल को दिखाने के लिए मील का पत्थर साबित हुई और फरहान को राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिलाया। इसके बाद ‘लक्ष्य’ और ‘डॉन’ जैसी फिल्मों ने उन्हें एक बेहतरीन डायरेक्टर के रूप में स्थापित किया।
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फरहान अख्तर ने एक्टिंग में भी अपनी अलग पहचान बनाई। ‘रॉक ऑन!!’ से उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा और फिर ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ व ‘भाग मिल्खा भाग’ जैसी फिल्मों में दमदार परफॉर्मेंस दी। खासतौर पर ‘भाग मिल्खा भाग’ में उनके अभिनय को खूब सराहा गया और उन्हें कई बड़े अवॉर्ड्स मिले। फिल्मों के अलावा फरहान का संगीत के प्रति भी गहरा लगाव है। उन्होंने कई हिट गाने गाए हैं।






